रांची।एकलव्य विद्यालय का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर मंगलवार को पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई।चान्हो थाना क्षेत्र का शिलागाई दो घंटे युद्ध का मैदान बना रहा।
लाठी चार्ज के विरोध में ग्रामीण भी उग्र हो गए। पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया। उग्र ग्रामीणों ने खेलारी डीएसपी अनिमेष नैथानी और चान्हो थाने की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।इस घटना में ग्रामीणों और पुलिस कर्मियों दोनों को चोटें आई हैं।

ग्रामीण भारी संख्या में विरोध करते हुए पंचायत भवन में चल रहे ग्रामसभा स्थल तक पहुंच गए।सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध को देखते हुए प्रशासन की ओर से आयोजित ग्रामसभा को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने दिन के साढ़े तीन बजे चान्हो एनएच मार्ग को जाम कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा शिलागाई में एकलव्य विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण इस योजना का काफी दिनों से विरोध कर रहे हैं। पहले भी ग्रामीणों ने विद्यालय निर्माण के लिए कराई गई बाउंड्री वॉल को तोड़ दिया था। इसको देखते हुए उपायुक्त छवि रंजन के निर्देश पर शिलागाई के पंचायत भवन में मंगलवार को ग्रामसभा का आयोजन किया गया था। इसमें सिर्फ ग्रामीणों को ही बुलाया गया था। बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगायी गई थी।

गांव के चारों तरफ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। ग्रामसभा की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में आसपास इलाके के ग्रामीण शिलागाई पहुंचने लगे। ग्रामीण बैरिकेडिंग तोड़कर ग्रामसभा पहुंचने का प्रयास कर रहे थे।इसी दौरान पुलिस ने उन्हें खदेड़ा, फिर जमकर लाठियां बरसाई। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने एनएच को जाम कर दिया।

ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए शिलागाई को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पूरे शिलागाई में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनाती किया गया है। इसमें महिला पुलिस बल भी शामिल हैं। एसपी अभियान रतींद्र मिश्रा और खेलारी डीएसपी अनिमेष मैथानी पूरी घटना को मॉनिट्रिंग कर रहे हैं। चान्हो और उसके आसपास इलाके के थानेदारों को निर्देश दिया गया है कि वे लगातार शिलागाईं में गश्त लगाएं।

लाठी चार्ज के बाद भारी संख्या में ग्रामीण शिलागाईं स्थित पंचायत भवन के सामने पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण स्थानीय प्रशासन और प्रतिनिधि के खिलाफ काफी गुस्से में थे। उन लोगों का कहना था कि प्रशासन के चलते ही आज यहां यह स्थिति उत्पन्न हुई है। भारी विरोध को देखते हुए प्रशासन द्वारा जब ग्रामसभा स्थगित करने की घोषणा की गई, तब विरोध कर रहे लोग शांत हुए। इसके कुछ देर बाद ग्रामीण वहां से हटे।