नई दिल्ली:
दिल्ली सरकार राजधानी के अपने वित्तपोषण (Funded) वाले 12 कॉलेजों में खेल सुविधाओं, छात्रावासों और डिजिटल प्रशासन के विस्तार के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है। इसके तहत कॉलेजों में मिलने वाले खेल अनुदान (Sports Grant) को मौजूदा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव इस समय गंभीर विचार के अधीन है। इसके अलावा, चुनिंदा संस्थानों में एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म की पायलट परियोजना शुरू करने की भी पूरी तैयारी है।
हाल ही में दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इन सभी 12 कॉलेजों के प्राचार्यों (Principals) और प्रतिनिधियों के साथ बुनियादी ढांचे, बजट आवंटन और खेल सुविधाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
बजट के सदुपयोग और यूसी (UC) पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने सभी कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उन्हें जो बजट आवंटित किया गया है, उसका प्रभावी और समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate - UC) को जल्द से जल्द प्रस्तुत करने और बजट के पुनर्वैधीकरण (Re-validation) की प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
'मास्टर प्लान 2041' के अनुरूप तैयार होंगी भविष्य की योजनाएं
कॉलेज परिसरों में नए भवनों और छात्रावासों (Hostels) के निर्माण को लेकर शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि पुरानी योजनाओं को आज की जरूरतों के हिसाब से अपडेट किया जाए।
- दीर्घकालिक योजना: कॉलेजों को आगामी 20 वर्षों में छात्रों की संभावित संख्या में होने वाली वृद्धि को ध्यान में रखकर लॉन्ग-टर्म प्लानिंग करनी होगी।
- एफएआर (FAR) के नियम: भवन निर्माण और विकास से जुड़ी सभी योजनाएं मास्टर प्लान 2041 और संशोधित फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) के नियमों के बिल्कुल अनुरूप तैयार की जाएंगी, ताकि उपलब्ध जमीन का अधिकतम और बेहतरीन उपयोग करके शैक्षणिक व आवासीय क्षमता बढ़ाई जा सके।
खेल प्रशिक्षण में निजी अकादमियों की भागीदारी पर विचार
कॉलेजों में खेलकूद की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खेल अनुदान को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने के प्रस्ताव पर चर्चा के साथ-साथ, खेल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को निखारने के लिए निजी खेल अकादमियों की भागीदारी का विकल्प भी सामने आया है।
- शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी कि शिक्षा विभाग वर्तमान में स्कूलों में निजी खेल अकादमियों की सहभागिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है।
- इस प्रक्रिया के अंतिम रूप से तैयार होने के बाद इसे उच्च शिक्षा निदेशालय (DHE) और तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TTE) के अंतर्गत आने वाले संस्थानों में भी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
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प्रशासनिक सुधार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म
कॉलेजों की प्रशासनिक प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी व सुगम बनाने के लिए एक नई पहल की गई है:
- चुनिंदा संस्थानों में एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म की पायलट परियोजना शुरू की जा रही है।
- इस संबंध में सभी प्राचार्यों को ब्रीफिंग दस्तावेज सौंप दिए गए हैं और उनसे प्रस्तावित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुझाव मांगे गए हैं ताकि इसे कॉलेजों की वास्तविक जरूरतों के मुताबिक और अधिक प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सके।
दिल्ली सरकार का मानना है कि इन सभी दूरदर्शी पहलों से कॉलेजों के संसाधनों का सही इस्तेमाल होगा, खेलकूद को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक व आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
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