देवघर के झारखंडी मोड़ के पास पेड़ से टकरायी स्कूटी,भाई बहन की हुई मौत
देवघर के झारखंडी मोड़ के पास पेड़ से टकरायी स्कूटी,भाई बहन की हुई मौत <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

देवघर।झारखंड के देवघर-सारवां NH पर बलिया चौकी क्षेत्र के झारखंडी मोड़ के पास शुक्रवार को तेज रफ्तार से जा रही स्कूटी एक पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। इस घटना में स्कूटी सवार चचेरी भाई-बहन की मौत हो गयी। 17 वर्षीय मृतक ऋषभ राज राजेश्वर वर्मा का इकलौता बेटा था।मृतक भागलपुर के सबौर कॉलेज में स्नातक पार्ट वन में पढ़ता था। 14 वर्षीय मृतका तान्या ऋषभ के चाचा राकेश्वर प्रसाद वर्मा की बड़ी बेटी थी।मृतक तान्या मध्य विद्यालय झारखंडी में छठी कक्षा में पढ़ती थी।वर्मा परिवार बिहार के भागलपुर जिला अंतर्गत सबौर थाना के फतेहपुर गांव का रहने वाला है। ऋषभ के पिता सबौर में व तान्या के पिता देवघर के निजी संस्थान में काम करते हैं।
दोनों के पिता एक साथ मिलकर कुंडा थाना क्षेत्र के बलिया चौकी बस स्टॉप के पास नावाडीह गांव में जमीन लेकर मकान का बनवा रहे थे। राजेश्वर अपने बेटे ऋषभ के साथ नवनिर्मित मकान में दीपावली के दिन दीप जलाने गये थे।गुरुवार की रात दीया जलाने के बाद सभी खाना खाकर कर सो गये। शुक्रवार की सुबह ऋषभ व तान्या उठे और स्कूटी लेकर घर से झारखंडी मध्य विद्यालय के लिए निकले अौर कुछ दूर जाते ही स्कूटी वाहन असंतुलित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकारायी।
टक्कर इतनी तेज थी कि इसकी आवाज सुन आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की अोर दौड़े। इस दौरान उन दोनों को दूर झाड़ी में गिरा पाया।दुर्घटना में ऋषभ की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि स्थानीय लोगों की मदद से घायल अवस्था में तान्या को उठा कर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर कुंडा थाने के एसआई संतन यादव व पूर्व मुखिया दिनेश मंडल दलबल वहां पहुंचे व मामले की छानबीन कर बच्चों के अभिभावकों को ढांढस बंधाया।सदर अस्पताल में परिजनों के अनुरोध पर बिना पोस्टमार्टम कराये ही परिजन शव को वापस घर ले गये।घटना के बाद दोनों बच्चों का शव घर पहुंचने पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
आपको बता दें कि झारखंडी मोड़ के पास कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी है।इस मोड़ के पास तकनीकी खामियां है, जिसे दुरुस्त किया जाना जरूरी है। इससे पूर्व मधुपुर के एक जाने-माने चिकित्सक का पूरा परिवार यहां दुर्घटना का शिकार होकर चुका है। वहीं, सामान्य दिनों में यहां छोटी-छोटी घटनाएं होती रहती है।
झारखंडी मोड़ एक्सीडेंटल जोन बनता जा रहा है। NH द्वारा रोड बनाने में तकनीक का ख्याल नहीं रखा गया है।संवेदक द्वारा आनन-फानन में सड़क बना दी गयी है।सड़क के किनारे बड़े-बड़े वृक्ष लगे हुए हैं, जो घटना को दावत देते रहते हैं।बलिया चौकी से घाट घर के पास करीब एक किलोमीटर से अधिक की दूरी पर सड़क किनारे फॉरेस्ट क्लियरेंस के बगैर सड़क निर्माण कर दिया गया है।साथ ही घटनास्थल पर कर्व में ज्योमैट्रिक डिफिसीऐंसी की कमी रहने के कारण तेज रफ्तार से वाहन को मोड़ने के दौरान ऐसी घटनाएं हो रही है। एप्रोच पथ को भी सही रूप से नहीं जोड़ा गया है।इस सड़क में तितमोह के पास एक संकीर्ण पुलिया है, जिस पर सेफ्टी गार्ड भी नहीं बनाया गया है, जो हमेशा दुर्घटना को दावत देती रहती है।
कांग्रेसी नेता दिनेश कुमार मंडल ने घटना पर दुख जताया है और कहा कि देवघर से घाटघर के बीच एक्सीडेंट जोन बन गया है।जिला प्रशासन से मांग है कि अविलंब सड़क किनारे से पेड़ों को हटाया जाये और साथ ही सड़क निर्माण में तकनीकी खामियों को दूर कर सड़क पर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाये। छोटे-छोटे बच्चों को ध्यान में रखते बलियाचौकी हटिया के पास रोड सेफ्टी के जरिये स्पीड ब्रेकर बनाया जाये।
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