रांची।राष्ट्रपति चुनाव में झारखंड में यूपीए की तरफ से दस क्रॉस वोटिंग हुई थी।क्राॅस वोटिंग के बाद से ही झारखंड की सियासत में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज हो गई थी।कांग्रेस के विधायकों के टूटने की आशंका से जुड़ी हुई खबरों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय रांची पहुंचे थे।कांग्रेस के एक-एक विधायक पर खास नजर रखी जाने लगी।सियासी पंडितों का कहना है कि जिस तरह सरकार गिराने के षणयंत्र की बात कही जा रही है।उस हिसाब से देखा जाए तो कांग्रेस के तीन विधायकों के पकड़े जाने के बाद हेमंत सरकार के गिरने का खतरा फिलहाल टल गया है।
सियासी पंडितों का कहना है कि अगर दो तिहाई कांग्रेसी समूह बनाकर भाजपा के साथ सदन में पेश अनुपूरक बजट के दौरान क्रॉस वोटिंग कर देते तो हेमंत सोरेन सरकार अल्पमत में आ सकती थी,लेकिन कांग्रेस की सख्ती और तीन विधायकों की गिरफ्तारी के बाद इसकी संभावना टल गई है।सरकार से फिलहाल खतरा टल गया है। सियासी पंडित इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सक्रियता का परिणाम भी मान रहे हैं। गठबंधन दल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दावा किया है कि हेमंत सरकार पर कोई संकट नहीं है, यह अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
विधायकों के निलंबन के बाद भी सदन में कांग्रेस की सदस्य संख्या पूर्ववत रहेगी
कांग्रेस के तीन विधायकों को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर रुपए मामले में निलंबित कर दिया गया है। ऐसी परिस्थिति में एक महत्वपूर्ण सवाल ये उठता है कि इस तरह निलंबित किए जाने से क्या कांग्रेस विधायक दल की सदस्य संख्या पर विधानसभा के अंदर कोई प्रभाव पड़ेगा अथवा नहीं। साथ ही दलबदल अधिनियम पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
आपको बता दें कि जी विश्वनाथन बनाम तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि निलंबित अथवा बर्खास्त किए जाने पर भी पार्टी का व्हीप निष्कासित किए गए विधायकों पर लागू होगा। ऐसी परिस्थति में निष्कासन के बावजूद भी किसी अन्य पार्टी में विलय के लिए आवश्यक सदस्य संख्या पूर्वत रहेगी।बरहाल तीनों विधायकों को दस दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।ऐसे हालात में सदन की कार्यवाही में विधायकों के भाग लेने की संभावना न के बराबर है।कांग्रेस के 17 विधायक हैं। जानकारी के मुताबिक विधानसभा सचिवालय को पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के गिरफ्तार किए गए तीन विधायकों के संबंध में आधिकारिक जानकारी आज सोमवार को दी जा सकती है।
अविनाश पांडेय ने की थी एक-एक विधायक से बात
मिली जानकारी के अनुसार अविनाश पांडेय ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग पर एक-एक विधायकों से अलग-अलग बात कर उनसे जवाब-तलब किया।शनिवार को भी अविनाश पांडेय विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में तीन विधायकों के असम जाने की जानकारी मिली। उनकी बात मोबाइल पर कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी से हुई। विधायक ने बताया कि वह कोलकाता आए हुए हैं। थोड़ी देर बाद शाम को अविनाश पांडेय ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी तो दूसरी ओर कांग्रेस के तीन विधायकों को रुपए के साथ पकड़े जाने की खबरें आने लगीं।





