हज़ारीबाग़। इचाक थाना क्षेत्र के भुसाई गांव के पार टांड़ टोला में एक निर्माणाधीन कुआं में चाल धंसने से कई मजदूर दब गए। घटना सोमवार दोपहर एक बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार मनरेगा योजना द्वारा आबंटित कुआं का खुदाई का काम पूरा हो चुका था। और मजदूर कुआं बांधने का काम कर रहे थे। इसी बीच चाल धंसने से मजदूर मिट्टी में दब गए। हो हल्ला करने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पांच लोगों को बाहर निकाला। जो घायल थे उनमें तालो महतो (60) पिता स्व. महावीर महतो, दिलीप कुमार मेहता (35) और शंभू कुमार मेहता (30) दोनो के पिता तालो महतो भूसाई टोला पार टांड़, राजेश कुमार मेहता (25) पिता फग्गू महतो ग्राम बरियथ, व एक अन्य बाहर का मजदूर शामिल है।
गम्भीर रुप से घायल तीन मजदूरों को इलाज के लिए सदर अस्पताल हजारीबाग ले जाया गया, जबकि दो घायलाें का इलाज इचाक सीएचसी में किया जा रहा है। वहीं मिट्टी में दबने से चंदन कुमार (30) पिता स्व. सोमर महतो ग्राम भुसाई पार टांड़ की मौत हो गई। मनरेगा योजना द्वारा आबंटित यह कुआं भुसाई गांव के पार टांड़ टोला निवासी सारो देवी, पति तालेश्वर मेहता उर्फ तालो महतो के नाम से आवंटित है। बताया जा रहा है कि कुआं की कटाई भी जेसीबी मशीन द्वारा किया गया था। इधर घटना की सूचना पाकर इचाक पुलिस सदलबल मौके पर पहुंची और जेसीबी के सहारे मृतक चंदन के शव को बाहर निकाला। इधर सूचना पाकर प्रशिक्षु आईएएस शताब्दी मजूमदार, सीओ मनोज कुमार महथा, जिप अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, मुखिया निशु कुमारी, बीस सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम, कांग्रेस नेता दिंगबर मेहता, पूर्व मुखिया सन्तोष कुमार मेहता, सांसद प्रतिनिधि भागवत मेहता, ओम प्रकाश मेहता, श्रीराम सेवा संगठन के सुजीत कुमार, समाजसेवी अशोक मेहता, दिंगबर कुमार मेहता, प्रमुख प्रतिनिधी सिकंदर राम, बसन्त नारायण मेहता, जिप अध्यक्ष प्रतिनिधि जय नारायण मेहता, अनिल मेहता घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सामाचार लिखे जाने तक जेसीबी से खुदाई कर शव ढूंढने की प्रक्रिया जारी था।
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
इधर शव को लेकर स्थानीय ग्रामीण और जन प्रतिनिधि मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। मृतक चंदन कुमार मजदूरी का काम करता था। वह तीन भाइयों में मंझला था। छोटा भाई छोटन मेहता ने बताया कि वह घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसके तीन बच्चे हैं। उसके मौत से परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी अनिता देवी, मां बच्चे लक्ष्मी, सूरज और शक्ति समेत पुरा परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।





