रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए वीर शहीदों को नमन किया। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य के युवाओं को केंद्र में रखते हुए कहा कि युवाओं की शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास ही 'विकसित झारखंड' की असली पूंजी है। सीएम ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

पेपर लीक और अनियमितताओं पर सरकार का कड़ा रुख

  • व्यवस्था में व्यापक बदलाव: सीएम सोरेन ने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में भर्ती परीक्षाओं में धांधली से युवाओं का विश्वास प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच होगी और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली हो, उस पर कठोरतम कार्रवाई होगी।
  • भविष्य की सुरक्षा: दोषियों को पकड़ने के साथ-साथ ऐसी मजबूत व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे कोई भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

“छात्रों की बात-छात्रों के साथ” अभियान की शुरुआत

परीक्षा प्रणाली को बेहतर और विश्वसनीय बनाने के लिए राज्य सरकार ने जनभागीदारी पर जोर दिया है:

  • सुझाव और सहभागिता: छात्र, शिक्षक, अभिभावक और शिक्षाविद इस अभियान के जरिए परीक्षा सुधार के लिए अपने सुझाव सीधे सरकार को दे सकेंगे।
  • संवैधानिक रूप से लागू होंगे सुझाव: विशेषज्ञों द्वारा सुझावों के अध्ययन के बाद उन्हें नियमों के तहत भर्ती प्रणाली में शामिल किया जाएगा।

रोजगार और समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रियाएं

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रोजगार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाली पदों को भरने के साथ-साथ एमएसएमई, कृषि, डेयरी, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप्स के क्षेत्रों में भी लाखों नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। JPSC, JSSC तथा अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से आने वाले समय में नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।