पलामू टाइगर रिजर्व में डेढ़ साल बाद रेंजर को नजदीक से दिखा बाघ
पलामू टाइगर रिजर्व में डेढ़ साल बाद रेंजर को नजदीक से दिखा बाघ <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

लातेहार।पलामू टाइगर रिजर्व के बारेसाढ़ इलाके में रेंजर तरुण कुमार ने बाघ देखा है।डेढ़ साल बाद पीटीआर में बाघ देखे जाने के बाद वन विभाग के अधिकारी बहुत खुश हैं।
पीटीआर निदेशक कुमार आशुतोष ने बताया कि रेंजर तरुण ने बाघ को बहुत नजदीक से देखा है। मार्च 2020 के बाद पहली बार बाघ को देखा गया है।बाघ के मौजूद होने को प्रमाणित करने के लिए दो प्रक्रिया को पूरी करनी होती है।बाघ दिखाई देने को प्रमाणित करने के लिए स्कैट के नमूनों को एकत्रित किया जा रहा हैं।स्कैट को देहरादून वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भेजा जाएगा और इसके अलावा बाघ के पंजों के निशान भी प्राप्त किये जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व लातेहार के रिचुघुटा इलाके में भी एक व्यक्ति ने बाघ को देखा था।इसके बाद लातेहार वन विभाग और पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारी एक्टिव हो गए। इसको लेकर रिचुघुटा इलाके में बड़े पैमाने पर ट्रैकिंग कैमरे लगा लगाये गये हैं। ट्रैकिंग कैमरे के माध्यम से इलाके में बाघों पर निगरानी रखी जा रही है।
आपको बता दें कि 2019 में जारी हुई बाघों की गणना रिपोर्ट में पीटीआर में बाघ होने के प्रत्यक्ष प्रमाण न मिलना बताया गया,जबकि राज्य के विभिन्न इलाकों में पांच बाघों के निशान मिले। अब बाघ को प्रत्यक्ष देखे जाने से पीटीआर प्रबंधन उत्साहित है। बाघ की मौजूदगी को प्रमाणित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि पिछले बार देहरादून भेजे गये नमूनों की रिपोर्ट अभी प्रतिक्षित है।
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