आगरा।टीवी चैनल पर एक धारावाहिक आया करता था, जिसका नाम था लाडो, धारावाहिक में जब भी कोई लड़की पैदा होती थी तो कहा जाता था जिएगी तो बोझ बनकर पार लगा दो इसने,मतलब लड़की जैसे-जैसे बड़ी होगी वह अपने परिवार पर बोझ बनेगी।एक बेटी ने इस बात को सिरे से नकार दिया और कुछ ऐसा किया कि समाज में जिस बेटी को लोग बोझ समझते हैं,वो बेटी अपने परिवार और जिले के लिए मिसाल बन रही है।
बेटियां अगर मन में ठान लें तो हर बड़ी से बड़ी बाधा को पीछे पछाड़ कर ही मानती हैं।ऐसा ही कुछ ताज की नगरी जिले की एक बेटी ने किया है।जहां इस बेटी ने पिता की पंचर वाली दुकान में हाथ बंटाकर और अपनी पढ़ाई को जारी रखकर अपना नाम रोशन कर लिया।इस बेटी को सम्मानित किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दयालबाग स्थित‌ दीप एन्क्लेव निवासी राजकुमारी के पिता हेत सिंह अपने घर के बाहर साइकिल पंचर की दुकान चलाते हैं,लेकिन अत्यधिक धूम्रपान करने की वजह से उनकी तबीयत काफी समय से खराब रहती थी। कुछ समय पहले उनके फेफड़ों का ऑपरेशन भी हुआ।ऑपरेशन के बाद हेतु सिंह दुकान संभालने में असमर्थ हो गए।ये देखकर हेत सिंह की दूसरे नंबर की बेटी राजकुमारी ने पंक्चर की दुकान की कमान अपने हाथ में ले ली। राजकुमारी अपनी पढ़ाई का काम पूरा करने के बाद सुबह और शाम को दुकान के लिए समय निकालती है और दुकान को अपने हाथ से चलाती है। राजकुमारी एक कुशल कारीगर की तरह साइकिल और बाइक के पंचर जोड़ने का काम करती हैं।

आपको बता दें कि राजकुमारी दयालबाग डीम्ड यूनिवर्सिटी में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं।वो अपने घर में दूसरे नंबर की बेटी हैं। राजकुमारी की एक बड़ी बहन भी है जिसकी शादी हो चुकी है और दो छोटी बहन व एक भाई भी हैं। पिता के बीमार होने के बाद से ही राजकुमारी दुकान का पूरा काम खुद संभालती है।दुकान से मिले खर्चे से अपने परिवार का भरण पोषण भी करती हैं।पंचर जोड़ने वाली राजकुमारी की इस प्रतिभा को आगरा की एक संस्था एक पहल ने पहचाना और अब ये संस्था 19 दिसंबर को सेंट पीटर्स में होने वाले कार्यक्रम में
राजकुमारी को अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए आगरा का गौरव सम्मान नाम से सम्मानित करेगी।


एक पहल संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यक्रम में जबसे राजकुमारी को सम्मान मिलने की चर्चा हुई है।इसके बाद से ही उसके घर में लोगों का तांता लगा हुआ है,लगातार लोग जहां उसे बधाइयां दे रहे हैं, वहीं अब राजकुमारी अपनी कॉलोनी के साथ पूरे आगरा में छाई हैं।