झारखंड के गुमला जिले में भाकपा माओवादियों के गढ़ बनालात के जुड़वानी केराकोना जंगल में रविंद्र गंझू के दस्ते के साथ पुलिस की आज शनिवार मुठभेड़ हुई।दोनों तरफ से एक घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग हुई।गोली चलने की आवाज आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सुनी।

सूत्रों से खबर है कि मुठभेड़ के दौरान पांच से छह बड़े धमाके की आवाज सुनी गई और रुक-रुक कर गोलियों की आवाज लगभग एक घंटे तक आती रही, हालांकि इस मुठभेड़ में दोनों पक्षों में से किसी के हताहत की सूचना अब तक नहीं मिली है। पुलिस माओवादियों पर भारी पड़ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एसपी के नेतृत्व में जैप एवं जगुआर पुलिस बल तीन दिन पहले से ही गुमला जिले के बनालात इलाके में माओवादियों के खिलाफ अभियान चला रहा था। इसी क्रम में शनिवार को जुड़वानी केरा कोना जंगल में माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई है। इस अभियान में एसडीपीओ, इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी, एसआई सहित अन्य जवान शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि नक्सली रविंद्र गंझू के दस्ते को घेरा जा रहा है। गंझू का दस्ता जुड़वानी जंगल में फंसा हुआ है औशर पुलिस उसके दस्ते को घेरने का प्रयास कर रही है। इस जंगल में पांच महीने पहले आईईडी विस्फोट में एक ग्रामीण की जान जा चुकी है। 19 अगस्त को माओवादियों द्वारा जुड़वानी केरा कोना जंगलों में बिछाए गए आईईडी बम की चपेट में आने से मवेशी चराने गए जुड़वानी गांव निवासी बुद्धू नागेशिया की मौत हो चुकी है।