प्रतिनिधि,चौपारण,हजारीबाग। कॉमनिस्ट पार्टी बरही के पूर्व विधायक राम लखन सिंह ने जंगलों को बचाने के लिए मुहिम छेड़ते हुए कहा कि अंतिम सांस तक सरकार से मांग करेंगे। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर हेमंत सोरेन को वन एवं पर्यावरण रक्षा के लिए वनों का डिजिटल सर्वे कराकर अतिक्रमण मुक्त करने और वनों को अपराध मुक्त करने के संबंध में पत्राचार किया है। उन्होंने बताया कि हजारीबाग रेंज के चौपारण के जंगलों में विशेष कर गौतम बुद्ध वन्यप्राणी आश्रयणी सहित पूरे चौपारण के जंगलों में अपराध का अड्डा बन गया है। जंगल को जेसीबी मशीन से साफ कर गांजा, अफीम, शराब आदि का उत्पादन किया जा रहा है।विभिन्न जिलों के लोगों को यहां बसाया जा रहा है। आलम यह है कि अनैतिक अवैध कामों का विरोध करने पर धमकियां सहित अन्य प्रकार से कोपभाजक बनना पड़ता है।
पूर्व विधायक श्री सिंह ने कहा कि स्थानीय लोगों को हटाकर बाहरी लोगों को बसाया जा रहा है। चौपारण रेंज के जंगलों पर चौपारण तथा इटखोरी के मूल वासियों का अधिकार है। जंगल पार्ट 2 हर गांव में लोगों को प्राप्त है। इसमें बताया गया है कि किस जंगल में किस गांव के जानवर चरने जा सकते हैं। किस जंगल से लोग लकड़ी, घो,रान घर बनाने का सामान लाएंगे। साल में यहां के लोगों को दो बार परमिट मिलता था, जो बीते कई सालों से बंद हो गया है। वहीं यहां अवैध कब्जा के साथ-साथ वन भूमि का अवैध कार्यो में इस्तेमाल किया जा रहा है। बड़ी संख्या में आदिवासियों को भी वन भूमि का पट्टा दिया जा रहा है। 2005 के पूर्व कबिलास में केवल एक घर आदिवासी था तथा बिरहोर जनजाति के लोग रहते थे। 2005 में जीटी रोड में आदिवासी बाहर से काम करने के लिए बुलाए गए। बाद में उन्हें यहां संगठित तौर पर बसाया जाने लगा। ऐसे में स्थानीय लोगों के दुकान और होटल को तोड़कर हटा दिया गया। वहीं बाहरी लोगों को जबरदस्ती बसाने की साजिश चल रही है। डिजिटल सर्वे कराकर अतिक्रमण मुक्त एवं अपराध मुक्त कराना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार यदि इस पर कार्रवाई नहीं करती है तो ग्रीन ट्रिब्यूनल में शिकायत की जाएगी। बताया कि इसके पहले भी दो बार पत्राचार किये जाने के बावजूद किसी तरह की सूचना नहीं आई है। अब ठोस कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं।





