प्रतिनिधि,गिरिडीह। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना अंतर्गत बैंकों के उन्मुखीकरण व इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में बुधवार को एक बैठक आयोजित की गई।बैठक में उक्त योजना से संबंधित सभी पहलुओं पर बिंदुवार समीक्षा कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें तथा हितग्राही की बैंक औपचारिकताओं को डीआरपी के माध्यम से पूर्ण कराकर स्वीकृति एवं वितरण में तेजी लाएं।





बैठक में उपायुक्त ने बताया कि सूक्ष्म खाद्य उद्यमों का समर्थन करने के लिए इकाइयों की स्थापना/उन्नयन के लिए तकनीकी और व्यावसायिक सहायता केंद्र प्रायोजित योजना है। यह योजना 2020-21 से पूरे देश में लागू की जा रही है। उन्होंने इसके व्यापक प्रचार प्रसार तथा सफल संचालन को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इसके अलावा उपायुक्त ने बताया कि इस योजनांतर्गत स्वरोजगार स्थापना के लिए बैंक शाखाओं के माध्यम से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई के उन्नयन हेतु अथवा नवीन उद्योग की स्थापना पर लिए गए ऋण के टर्म लोन पर 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख रूपए अनुदान का प्रावधान है।साथ ही उपायुक्त ने निर्देशित किया कि अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों को उक्त योजना से जोड़कर उनके प्रकरण तैयार कर स्वीकृत करें। साथ ही संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगामी दिनों में योजना से संबंधित अधिक से अधिक प्रकरण स्वीकृत करने की बात कही गई।





प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी गई कि कृषि, बागवानी और वन उपज के विपणन, प्रसंस्करण तथा भंडारण को व्यवस्थित करना, बढ़ावा देना एवं विकसित करना,कृषि मशीनरी, उपकरण तथा अन्य आदानों को वितरित करना, अंतर-राज्यीय, आयात और निर्यात व्यापार, थोक या खुदरा किसी भी प्रकार का उत्तरदायित्त्व लेना आदि शामिल हैं।



बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, डीपीएम, जेएसएलपीएस, महाप्रबंधक,उद्योग विभाग व अन्य संबंधित अधिकारी एवम कर्मी उपस्थित थे।