बांदा।उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुए दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ी गई है। 11 लोगों की मौत हुई है।नाव हादसे में लापता 17 लोगों में से आज शनिवार को 8 शव बरामद हुए।इनमें 5 पुरुष और 3 महिलाएं हैं।अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।माना जा रहा है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।गुरुवार की दोपहर 33 सवारियों से भरी नाव यमुना नदी में डूब गई थी।नाव डूबने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम पिछले 40 घंटे से ज्यादा समय से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।इस हादसे में लापता लोगों का शव फतेहपुर में भी मिला हैं।फतेहपुर जिलाधिकारी (डीएम) ने कहा कि किशनपुर घाट से 2, नरौली घाट से 4, गुरुवल घाट से 1, एकडला घाट से 1 शव मिला हैं।अब तक नाव हादसे में 11 शव मिल चुके हैं।आज शनिवार को आठ शव मिले हैं।तीन शव एक दिन पहले मिले थे।लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
आपको बता दें कि जिले के मरका थाना क्षेत्र में गुरुवार को यमुना नदी में अचानक नाव डूब गई थी।जिसमें 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया था और 17 लोग लापता थे।उनमें से शनिवार को 8 लोगों के शव मिल गए हैं।अभी भी जो लापता हैं।उनका पता लगाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान जुटे हैं। नाव हादसे के बाद बचाव कार्य में मदद के लिए प्रयागराज से गोताखोरों को भी बुलाया गया है।
आपको बताते चलें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार में मंत्री राकेश सचान और रामकेश निषाद को मौके पर पहुंचने का शुक्रवार को निर्देश दिया था। सीएम योगी ने मृतक के परिजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का भी निर्देश जारी किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि हम लोग लंबे समय से मरका घाट पर पुल की मांग कर रहे हैं।औगासी का पुल बन चुका है,लेकिन मरका का पुल बजट की कमी के कारण अभी तक 70 फीसदी तक ही बन सका है।ग्रामीणों ने कहा कि अगर पुल समय से बन गया होता तो लोगों की जान बच जाती।





