प्रतिनिधि,जमशेदपुर।बिष्टुपुर थाना अंतर्गत खरकाई नदी के किनारे स्थित हिंदपीठ के पास स्थित टाटा स्टील की खाली पड़ी जमीन पर कब्जा कर वहां पूजा-पाठ कराने की तैयारी करने का विरोध गुरुवार टाटा स्टील की ओर से किया गया। इस दौरान भाजपाई सामने आकर मौके पर हो-हंगामा करने लगे। जिसकी सूचना पाकर वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।मौके पर एसपी सिटी के. विजय शंकर, एसडीएम पीयूष सिन्हा, डीएसपी सीसीआर अनिमेष गुप्ता, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सुमित प्रकाश, बिष्टुपुर थाना प्रभारी विष्णु राउत, सोनारी थाना प्रभारी अंजनी कुमार, कदमा थाना प्रभारी अशोक राम, जुगसलाई थाना प्रभारी तरुण कुमार, जमशेदपुर अक्षेस विभाग के सिटी मैनेजर रवि भारती समेत क्यूआरटी भी मौजूद थी।
इस दौरान सभी ने मामले को शांत कराने का प्रयास भी किया। साथ ही भाजपा महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव, सिदगोड़ा सूर्य मंदिर कमिटी के चंद्रगुप्त सिंह समेत अन्य भाजपाई मौके पर पहुंचकर विवाद को सुलझाने का प्रयास भी किया। जबकि टाटा स्टील की ओर से सीनियर जीएम कैप्टन धनंजय मिश्रा, लैंड विभाग के सीनियर मैनेजर सुनील सिंह समेत टाटा स्टील सिक्योरिटी भी मौके पर मौजूद थी। इस बीच जय श्रीराम के नारे भी गूंज रहे थे।
बताया जा रहा है कि हिंदपीठ को जो जगह मिली है, उसके पास स्थित टाटा स्टील की खाली पड़ी हुई जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। जिसके तहत चारो तरफ झंडा गाड़ा हुआ देखा गया। दोपहर लगभग 1 बजे सीसीआर डीएसपी अनिमेष गुप्ता मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों पक्ष के लोगों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। मगर कोई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। साथ ही भाजपाई हर हाल में वहां पर पूजा कराने की योजना बना रहे थे। जिसके बाद डीएसपी ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी।
सोचने वाली बात तो यह है कि इस बवाल के दौरान हिंदू पीठ के संरक्षक अरुण सिंह मौके से नदारद मिले। वहीं हिंदूपीठ के पास नया शिवलिंग गाड़े जाने को लेकर गुरुवार की सुबह से ही वहां पर टाटा स्टील और भाजपाइयों के बीच कहा-सुनी हो रही थी। अंततः भारी पुलिस बल की मौजूदगी में टाटा स्टील की ओर से शिवलिंग को क्रेन की मदद से हटाकर हिंदूपीठ मंदिर परिसर के पास रखवा दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के कारण विरोध करने वालों की एक न चली।
शिवलिंग को वहां से हटाने के लिए प्रशासिनक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सहमति बनी थी। जिसमें एडीएम लॉ एंड ऑर्डर नंदकिशोर लाल, सिटी एसपी के. विजय शंकर, जेएनएसी के अधिकारी के अलावा भाजपाई और हिंदूपीठ कमिटी के लोग शामिल थे। आपसी सहमति बनने के बाद शिवलिंग को हिंदूपीठ कैंपस में ही सुरक्षित रखवा दिया गया है। शिवलिंग अगर हटाने का काम नहीं किया जाता तो वहां पर गुरुवार को पूजा-अर्चना करने की भी योजना बनाई गई थी। अंततः विरोध के बाद शिवलिंग को हटवा दिया गया। जिससे प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है।





