27 वर्षो से पेंशन पुनरीक्षण की बाट जोह रहे हैं बैंक के रिटायर्डकर्मी : प्रकाश पतकी
केंद्र सरकार जल्द करे पेंशन रिवीजन : देवाशीष सेनगुप्ता
विशेष संवाददाता
रांची। बैंक ऑफ इंडिया पेंशनर्स एंड रिटायरीज एसोसिएशन (बीओआइपीएआरए) की छठी वार्षिक आम सभा रविवार को गुरुनानक स्कूल के सभागार में हुई। इसमें बैंक के रिटायर्ड कर्मियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैंक के पेंशनर्स/रिटायर्डकर्मियों के महंगाई भत्ता में असमानता, पेंशन पुनरीक्षण, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम सहित अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया।महासभा में काफी संख्या में बैंक ऑफ इंडिया पेंशनर्स एंड रिटायर्ड एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग लिया।
बैंक ऑफ इंडिया पेंशनर्स एंड रिटायरीज एसोसिएशन के झारखंड यूनिट के महासचिव देवाशीष गुप्ता ने बताया कि एसोसिएशन ने अपने कार्यकलापों के सफलतापूर्वक एक दशक पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर सामुदायिक दायित्वों के निर्वहन के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगजनों के लिए एसोसिएशन की ओर से दो ह्वील चेयर प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त वृद्धाश्रम/ अनाथालय में वृद्धजनों के बीच कंबल और चादर का भी वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को पीड़ित मानवता की सेवा के तहत संस्था द्वारा विभिन्न गांवों को चिन्हित कर हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्रामीणों के बीच सेवा कार्य किया जाता है। उन्होंने बताया कि सेवाकाल के दौरान समाज से उन्हें बहुत कुछ प्राप्त होता है। इसके एवज में समाज को कुछ लौटाने के उद्देश्य से एसोसिएशन की ओर से पीड़ित मानवता की सेवा की जाती है।
फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया पेंशनर्स एंड रिटायरीज एसोसिएशन के महासचिव प्रकाश एस पतकी ने कहा कि विगत लगभग 27 वर्षों से बैंक कर्मियों का पेंशन पुनरीक्षण लंबित है। इसके अतिरिक्त महंगाई भत्ता में भी असमानता है। हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम में रिटायर्ड कर्मियों को जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है।इन सब मुद्दों को लेकर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से भी मिला, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस उदासीन रवैये से पूरे देश में 9 लाख पेंशनर्स/ रिटायर्ड बैंककर्मी प्रभावित हैं। वहीं, झारखंड में लगभग 4 हजार रिटायर्ड बीओआई कर्मी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों से और रिटायर्डकर्मियों से हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल करना सर्वथा अनुचित है। रिटायर्ड कर्मियों के मेडिकल हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी की राशि माफ करने के लिए एसोसिएशन की ओर से केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से बैंक के रिटायर कर्मियों की समस्याओं के लिए एक प्लेटफार्म बनाने की मांग की।बैंक के रिटायर कर्मियों की पेंशन का पुनरीक्षण पिछले 27 वर्षो से नहीं किये जाने से जो पेंशन की राशि का वर्ष 1995 में निर्धारित किया गया था,वही राशि आज भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि बैंक के रिटायर कर्मियों के समक्ष अनेक समस्याएं है। लेकिन इसको सुनने वाला कोई नहीं है। बैंक में कार्यरत कर्मियों की मांगों और बातों को सुनने के लिए तो सरकार की ओर से व्यवस्था है। लेकिन रिटायर बैंक कर्मी अपनी बातें कहां रखें? इसके लिए कोई प्लेटफार्म नहीं है।
उन्होंने कहा कि रिटायर बैंक कर्मियों की समस्याओं को सुनने के लिए केंद्र सरकार एक प्लेटफार्म बनाये, जिससे कि हमारी बातें सरकार तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि 1995 में पेंशन नीति लागू होने के बाद से एक बार भी इसमें पुनरीक्षण नहीं किया गया, जबकि इस दौरान केंद्र सरकार के अन्य विभागों और संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों के लिए पांच बार वेतन समझौता हुआ और उनका वेतन बढ़ा। प्रकाश पातकी ने बताया कि हम लोगों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री सहित सभी संबंधित संस्थानों को ज्ञापन सौंप कर ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने बताया कि रिटायर कर्मियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस एक बड़ी समस्या है,क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से इसमें 18 फीसदी जीएसटी लगाने से इसकी प्रीमियम में सालाना अप्रत्याशित वृद्धि हो जाती है। जिसका भुगतान एक रिटायर कर्मी के लिए संभव नहीं है। इसलिए सरकार जीएसटी को माफ कर दे।उन्होंने बताया कि पेंशन में पुनरीक्षण नहीं होने से बैंक के रिटायर कर्मियों को बहुत कम पेंशन मिलता है।
बैंक ऑफ इंडिया पेंशनर्स एंड रिटायरीज एसोसिएशन के झारखंड यूनिट के महासचिव देवाशीष सेन गुप्ता ने बताया कि यह संगठन दसवें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसके तहत बच्चों का सामुहिक गान, डांस और अन्य मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर बीओआईपीएआरए के झारखंड स्टेट यूनिट के प्रदेश अध्यक्ष एलेक्जेंडर मिंज,बीओआईपीएआरए, ओडिशा इकाई के अध्यक्ष अमित मोतायद, फेडरेशन ऑफ बीओआईपीएआरए के सचिव मुकुन्द एस सत्पुते सहित काफी संख्या में एसोसिएशन के सदस्यगण मौजूद थे।





