बोकारो।बाबा बैद्यनाथ की धरती देवघर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में बोकारो एयरपोर्ट चालू करने की घोषणा के बाद बोकारो एयरपोर्ट को चालू करने को लेकर प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आ गई है।बोकारो एयरपोर्ट का निर्माण कार्य करीब चार माह पहले पूरा हो चुका है।एयरपोर्ट हवाई सेवा शुरू करने को लेकर हाईटेक संसाधनों से लैस है। एटीएस टावर, रनवे, फायर पीट, पैसेंजर लॉबी, मेन गेट सहित सभी कार्य हो चुके हैं।कॉमर्शियल उड़ान के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भी बोकारो इस्पात प्रबंधन की ओर से आवेदन किया गया है,लेकिन पिछले एक साल से एयरपोर्ट परिसर में मौजूद 1720 पेड़ों के कटान के लिए अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई है।जिससे एयरपोर्ट से कॉमर्शियल फ्लाइट सेवा अबतक शुरू नहीं हो पाई है।





पेड़ काटने का आदेश देने वाली हाईपावर कमेटी द्वारा आदेश दिए एक माह बीत गया है,लेकिन मामले पर न एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी गंभीर हैं और नहीं वन विभाग के अधिकारी गंभीर है।बीएसएल प्रबंधन भी कछुए की चाल चल रहा है।तीन बार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निदेशक की बोकारो में होने वाली बैठक भी टलती रहीं। बार-बार बैठक की तिथि निर्धारित होने के बाद भी बैठक नहीं हुई।





पीएम मोदी के देवघर एयरपोर्ट के साथ-साथ बोकारो एयरपोर्ट को भी चालू कराने की घोषणा बोकारो वासियों में एयरपोर्ट को लेकर नई उम्मीद जगी है।पीएम मोदी की घोषणा के बाद बोकारो इस्पात प्रबंधन ने कहा है कि जल्द ही एयरपोर्ट के सभी पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। यही नहीं डीजीसीए की टीम को भी जल्द ही निरीक्षण के बुलाया जाएगा। ताकि यदि कोई शेष काम रह गया हो तो उसे भी समय पर पूरा किया जा सके।





फोरलेन पथ का किया उद्घाटन, बढ़ेगी सुविधा





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोविंदपुर राजगंज चास और पश्चिम बंगाल तक के फोरलेन पथ का उद्घाटन किया। इस पथ के निर्माण से बोकारो और धनबाद के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के लोगों को बेहतर आवागमन का साधन मिला है।





कोलबेड मिथेन गैस का बड़ा वितरक बनेगा बोकारो





आपको बता दें कि वर्ष 2023 के अंत तक बोकारो जिला कोलबेड मिथेन गैस सप्लाई करनेवाला देश का सबसे बड़ा वितरक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवघर से बोकारो में गैस कनेक्टिंग स्टेशन की आधारशिला मंगलवार को रखी। लगभग 250 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट ओएनजीसी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसपर लगातार कई वर्षों से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की दिलचस्पी थी। अगले 18 माह के अंदर पूरा होने वाले इस गैस कनेक्टिंग स्टेशन से इलाके के 46 कोल बेड मिथेन गैस का कुप एक साथ पाइलाइन से जुड़ जाएंगे। जिसके बाद बोकारो के पर्वतपुर से निकला कोल बैड मिथेन गैस जगदीशपुर हल्दिया बोकारो धामरा पाइप लाइन से जोड़ दिया जाएगा। जहां से पूरे देश में बोकारो गैस की जरूरत को पूरा करते हुए देश को समृद्धशाली बनाएगा। इस गैस से न सिर्फ झारखंड से बाहर के राज्यों में औद्योगिक विस्तार होगा, बल्कि बोकारो के उद्योगों को भरपूर गैस मिलेगा। बोकारो स्टील प्लांट भी ईंधन के रूप में गैस का प्रयोग कर सकता है। इस बाबत इसके परीक्षण को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को करीब 2500 करोड़ की लागत से बननेवाले इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन भी कर दिया है। वहीं, जियाडा स्थित बॉटलिंग प्लांट भी पीएम ने उद्घाटन कर दिया है।