रांची।भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गोड्डा सांसद डाॅक्टर निशिकांत दुबे ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा।उन्होंने कथित तौर पर खुद को खनन पट्टा देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अयोग्यता की अटकलों के कारण उत्पन्न राजनीतिक संकट के बीच अलीबाबा और चालीस चोर कहा।भाजपा सांसद ने झारखंड सरकार को चोरों की सरकार बताया।हेमंत सोरेन अलीबाबा हैं और उनके समर्थक 40 चोर हैं।
झारखंड के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के विधायकों ने गुरुवार को राज्यपाल रमेश बैस से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अयोग्य ठहराने के लिए उनके कार्यालय द्वारा चुनाव आयोग से प्राप्त राय से संबंधित अटकलों पर हवा को साफ करने का आग्रह किया। सोरेन को एक विधायक के रूप में चुनावी मानदंडों के कथित उल्लंघन के लिए दोषी ठहराया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि न तो राज्यपाल और न ही चुनाव आयोग ने सोरेन की अयोग्यता के लिए पत्र भेजा है,लेकिन वह मुख्यमंत्री पद खोने के डर से अपने विधायकों के साथ चल रहे हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर हेमंत सोरेन ईमानदार हैं तो उन्हें सीबीआई या ईडी से नहीं डरना चाहिए। यहां तक कि मध्यावधि चुनाव के लिए झामुमो नेता को भी चुनौती दी।
भाजपा सांसद कहा कि अगर कोई लगातार केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के मामलों के डर के बारे में बात कर रहा है तो वह निश्चित रूप से चोर है,क्योंकि एक ईमानदार व्यक्ति को दोनों में से किसी से डरने की जरूरत नहीं है,लेकिन हेमंत सोरेन डरे हुए हैं और लगातार अपने विधायकों के साथ चल रहे हैं।उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई जनता के लिए है और हम हेमंत सोरेन को मध्यावधि चुनाव के लिए चुनौती देते हैं।
भाजपा सांसद दुबे ने कहा कि उनकी अयोग्यता के संबंध में न तो हमें राज्यपाल से और न ही चुनाव आयोग (ईसी) से कोई पत्र मिला है। अगर वह भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि हमने क्या किया,क्या हम पलामू में महा दलित से भाग गए,क्या हमने दुमका लड़की को जला दो, क्या हमने रांची में आदिवासी लड़की का बलात्कार किया,ये सारी घटनाएं उसके प्रशासन के कारण ही हुई हैं। बांग्लादेशी अप्रवासी स्कूलों में इस्लामीकरण कर रहे हैं और रविवार को नहीं शुक्रवार को छुट्टियां दे रहे हैं। ये सब आपके कर्म हैं।
इससे पहले शुक्रवार को छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर अन्य दलों के विधायकों को हटाने और राज्यों में एक निर्वाचित सरकार को गिराने का प्रयास करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया था।उन्होंने कहा था कि भाजपा विपक्षी दलों को बर्दाश्त नहीं कर सकती।वे तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं और विपक्षी नेताओं को डराने या खरीदने के लिए अपनी ताकत और पैसे का इस्तेमाल करते हैं।
आपको बता दें कि 30 अगस्त को झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के 31 विधायक और मंत्री छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे थे।विधायक अपने झुंड को एक साथ रखने के लिए मुख्यमंत्री के एक स्पष्ट प्रयास में रायपुर गए थे। झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन में झामुमो, कांग्रेस और राजद शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि रायपुर जाने वालों में कांग्रेस के 13 और झामुमो के 18 विधायक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि झामुमो के मंत्री नहीं गए।





