लखनऊ। तमिलनाडु से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुई कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस नेताओं के साथ 9 राज्यों से अधिक भारत के कई क्षेत्रों को कवर चुकी है।नए साल में 3 जनवरी को ये यात्रा उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाली है। यात्रा को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही है।यूपी में इस यात्रा को बड़ा स्तर पर दिखाने के लिए कांग्रेस ने खास रणनीति तैयार की है।इस यात्रा में गैर-कांग्रेसी नेताओं को आमंत्रित किया गया है।





यूपी में कांग्रेस अपनी भारत जोड़ो यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव,पूर्व मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती, राष्टीय लोकल के मुखिया जयंत चौधरी, समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव अतुल अंजान को भी यात्रा में आमंत्रित किया है।यही नहीं कांग्रेस के बड़े नेता सलमान खुर्शीद ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर को न्योता भी भेज दिया है।यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को भी आमंत्रित किया गया है,लेकिन उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के रूप में आमंत्रित किया गया है।इसके अलावा लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर रविकांत को भी आमंत्रित किया गया है।यात्रा के प्रदेश समन्वयक पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने पिछले दिनों संवाददाता सममेलन में बताया था कि भारत जोड़ो यात्रा किसी पार्टी की नहीं बल्कि पूरे देश की है और इसमें विभिन्न विपक्षी दलों को भी आमंत्रित किया जाएगा।





क्या इन नेताओं से दिखेगी विपक्षी एकता





बता दें कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा आने वाले कुछ दिनों में सियासी तौर पर बड़े महत्वपूर्ण माने जाने वाले उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाली है। लोक सभा में 80 सीटों वाला राज्य उत्तर प्रदेश भाजपा शासित होने के कारण खास तौर पर चर्चा में हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस के निमंत्रण पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती के साथ रालोद नेता जयंत चौधरी भी पदयात्रा में शामिल हो सकते हैं, जिससे कांग्रेस नेता और खुद राहुल गांधी भी विपक्षी एकता के दावे कर सकते हैं।यात्रा में राहुल गांधी के साथ-साथ पार्टी महासचिव तथा कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी भी शामिल रहेंगी।





क्या है भारत जोड़ो यात्रा





बता दें कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हुई थी। विगत सात सितंबर से शुरू हुई पदयात्रा तमिलनाडु और राजस्थान समेत आठ राज्यों को कवर कर चुकी है। राहुल गांधी और कई दिग्गज कांग्रेसी हिंदी भाषी राज्य- मध्य प्रदेश समेत गैर हिंदी भाषी राज्यों- महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी पदयात्रा कर चुके हैं।तीन जनवरी को कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा दिल्ली से लोनी बॉर्डर होते हुए के गाजियाबाद में प्रवेश करेगी।इसके बाद अगले दिन 4 जनवरी को राहुल गांधी बागपत में यात्रा करेंगे और फिर शामली होते हुए हरियाणा में प्रवेश कर जाएगी।राहुल गांधी यूपी में करीब 110 किमी की पैदल यात्रा करेंगे।