नई दिल्ली: हाल ही में खुदरा महंगाई (CPI) में आई तेजी के बाद अब आम जनता और अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर जून के 9.87% से घटकर जुलाई में 9.78% पर आ गई है।

गौरतलब है कि जून का 9.87% का आंकड़ा वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष (Base Year) मानकर शुरू की गई नई WPI सीरीज़ का अब तक का उच्चतम स्तर था। रॉयटर्स के 9.95% के अनुमान के मुकाबले थोक महंगाई में यह गिरावट सकारात्मक संकेत दे रही है।

प्रमुख घटकों का प्रदर्शन: फ्यूल में राहत, प्राइमरी आर्टिकल्स में उछाल

जुलाई के दौरान विभिन्न सेक्टरों में थोक महंगाई की स्थिति इस प्रकार रही:

WPI घटक / बास्केटनई सीरीज में वेटेजजून की महंगाई दरजुलाई की महंगाई दर
फ्यूल एवं बिजली (Fuel & Power)14.1%27.41%20.05% (बड़ी गिरावट)
प्राइमरी आर्टिकल्स (Primary Articles)22.8%7.00%8.52% (बढ़ोतरी)
निर्मित उत्पाद (Manufactured Products)63.1%7.48%8.29% (बढ़ोतरी)
WPI फूड इंडेक्स (Food Index)-6.14%6.65% (बढ़ोतरी)
ईंधन बास्केट में नरमी: पिछले कुछ महीनों से थोक दबाव का मुख्य कारण रही फ्यूल और बिजली कैटेगरी की महंगाई मई में 30.33% और जून में 27.41% थी, जो जुलाई में घटकर 20.05% पर आ गई है।

किन वस्तुओं की वजह से बना दबाव?

सरकार के अनुसार, जुलाई में खाद्य पदार्थों और कुछ औद्योगिक इनपुट्स में तेजी देखी गई:

  • प्राइमरी बास्केट: मिनरल्स में 13.28% और गैर-खाद्य वस्तुओं (Non-food articles) में 17.66% की महंगाई दर्ज की गई।
  • मैन्युफैक्चर्ड बास्केट: बेसिक मेटल्स निर्माण (12.56%), केमिकल्स व केमिकल प्रॉडक्ट्स (13.12%) और मैन्युफैक्चर्ड फूड प्रॉडक्ट्स (8.89%) में तेजी रही।

क्या है नई WPI सीरीज़ की खासियत?

जुलाई के ये आंकड़े मई 2026 में लागू की गई संशोधित WPI सीरीज के तहत जारी तीसरा मासिक डेटा है।

  • नया आधार वर्ष: 2011-12 के स्थान पर अब 2022-23 को आधार वर्ष माना गया है।
  • व्यापक दायरा: बास्केट में वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है।
  • हरित ऊर्जा का समावेश: बिजली समूह में पहली बार सौर ऊर्जा (Solar Power), पवन ऊर्जा (Wind Energy) और परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) को भी शामिल किया गया है।

साथ ही, सरकार ने मई के अंतिम WPI इंडेक्स को 109.9 से संशोधित कर 110.1 कर दिया है, जिससे मई की अंतिम WPI महंगाई दर 9.88% पर संशोधित की गई है।