प्रयागराज।गंगा की धरा पर 13 जनवरी से विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ चल रहा है।देश-विदेश से श्रद्धालु आकर महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।अबतक महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रध्दालुओं की संख्या 15 करोड़ को पार कर चुकी है। पिछले 17 दिनों में महाकुंभ में 15 करोड़ से ज्यादा श्रध्दालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।महाकुंभ के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब संगम नगरी में उमड़ रहा है।कहा जा रहा है कि मौनी अमावस्या पर इतना ज्यादा श्रध्दालु आएंगे कि अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे।मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ से ज्यादा श्रध्दालुओं के आने की संभावना है।





29 जनवरी का पूरा शेड्यूल





सुबह 5 बजे से स्नान का ब्रह्म मुहूर्त शुरू होगा।





पहले महानिर्वाणी अखाड़े के नागा संन्यासी स्नान करेंगे।





साथ में श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा स्नान करेगा।





सुबह 5:50 बजे निरंजनी अखाड़ा, आनंद अखाड़ा स्नान करेगा।





सुबह 6:45 बजे जूना अखाड़े का स्नान समय निर्धारित।





आवाहन अखाड़ा, पंच अग्नि अखाड़ा साथ में स्नान करेगा।





सुबह 9:25 बजे बैरागी अखाड़े के संत स्नान करेंगे।





10:05 बजे दिगंबर अनी अखाड़े के साधु-संत स्नान करेंगे।



11:05 बजे निर्मोही अखाड़े के साधु-संत स्नान करेंगे।



आखिरी में उदासीन परंपरा के तीनों अखाड़े स्नान करेंगे।





12 बजे पंचायती अखाड़े के साधु-संत अमृत स्नान करेंगे।





1:05 बजे पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन का समय तय।





पंचायती निर्मल अखाड़ा दोपहर 2:25 बजे स्नान करेगा।





सुरक्षा की ऐसी रहेगी व्यवस्था





संगम तट के घाटों पर अतिरिक्त फोर्स तैनाती रहेगी।





सीसीटीवी कैमरे की स्क्रीन पर पैनी नजर रखी जाएगी।





ओवरक्राउड होने पर कंटीजेंसी प्लान लागू किया जाएगा।





अखाड़ों के लिए ये व्यवस्था





अखाड़ों के साधु-संत और उनके शिष्य स्नान घाट पर ही स्नान करेंगे।





अमृत स्नान के लिए अखाड़ों के मार्गों पर लगी बैरिकेडिंग व्यवस्था मजबूत की जाएगी।





मुख्य अमृत स्नान पर्व पर हेलिकॉप्टर से साधु-संतों पर पुष्प वर्षा होगी।





21 क्विंटल गुलाब के फूलों की व्यवस्था की गई है।





श्रद्धालुओं के लिए ये





स्नान घाटों पर सभी व्यवस्थाएं होंगी।





सुरक्षा के तगड़े प्रबंध होंगे।





जल पुलिस और पर्याप्त मात्रा में गोताखोरों की तैनाती होगी।





ऐसे होगा क्राउड मैनेजमेंट



स्नान के बाद श्रद्धालुओं को इकट्ठा नहीं होने दिया जाएगा।





सबकी सकुशल वापसी सुनिश्चित की जाएगी।





ट्रेनों और बसों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाएगी।