वाराणसी।देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।मान्यता है कि महादेव के त्रिशूल पर काशी नगरी विराजमान है और जब तक काशी नगरी है उसमें महादेव विराजमान है तब तक सृष्टि का अंत नहीं होगा। देवाधिदेव महादेव की काशी के कण-कण में पूजा होती हैं।काशी ही ऐसी नगरी है जहां के कण-कण में देवाधिदेव महादेव हैं, लेकिन इसी काशी नगरी में एक ऐसी जगह भी है जहां 126 शिवलिंग आज भी अपनी मुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
आपको बता दें कि 126 शिवलिंग 2018 में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर चल रहे काम के बीच लंका थाना क्षेत्र के रोहित नगर कॉलोनी में मलबे में मिले थे।यहां शिवलिंग, अरघा नंदी मिलने से हड़कंप मच गया था।मौके पर पहुंची पुलिस शिवलिंग को थाने लेकर आई थी। तब से लेकर अब तक ये शिवलिंग पिछले 3 साल से अधिक समय से यही रखे हुए है। 126 शिवलिंग की पूजा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बटुक को नियुक्त किया है।बटुक रोज सुबह-शाम लंका थाने जाकर पूजा करता है।शिवलिंग को लेकर क़ई धार्मिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के लोगों ने विरोध किया,लेकिन अभी भी ये शिवलिंग लंका थाने में कैद हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता अजय राय ने कॉरिडोर निर्माण के दौरान मूर्तियों और विग्रहों को खंडित करने का सनसनीखेज आरोप भी लगाया था।हालांकि उस समय तत्कालीन एसडीएम विनोद सिंह ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि कॉरिडोर का सारा मलबा मीरघाट में डंप किया जा रहा है।दिसम्बर 2018 में अजय राय की ओर से धारा 295,155B और 427 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया था।लंका पुलिस ने जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में लगा दी है।
इस पूरे मामले में अजय राय का कहना है कि हमने मुकदमा किया था।पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में क्या किया हमे कोई जानकारी नहीं है।इस पूरे मामले में कोई कार्यवाही आज तक नही हुई। उन्होंने कहा कि ये सब योगी सरकार के राज में हो रहा है।स्वामी द्वारा पूजन कराया जा रहा है।शिवलिंग किस हाल में है ये भी नही पता शिव की नगरी में ही शिव का अपमान है।





