प्रतिनिधि,साहिबगंज। पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के बरहरवा प्रखंड अंतर्गत गुमानी रेलवे स्टेशन परिसर में मालदा हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव गुमानी रेलवे स्टेशन में करने को लेकर आजसू बरहरवा प्रखंड कमिटी के सौजन्य से एकदिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष अंसार अली उर्फ मिंटू ने किया। वहीं संचालन केंद्रीय समिति सदस्य अब्दुल मालिक ने किया।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से युवा नेता अफीफ अमसल एवं केंद्रीय समिति सदस्य मो. मोसब्बर मौजूद रहे। इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस रोकना होगा, रेलवे विभाग की मनमानी नहीं चलेगी, गुमानी की उपेक्षा बंद करो, रेल प्रशासन मुर्दाबाद, आजसू पार्टी जिंदाबाद जैसे नारों को बुलंद किया।
उपस्थित सभी को संबोधित करते हुए रेल यात्री सेवा समिति के अध्यक्ष सेताब खान ने कहा कि रेलवे विभाग के आला अधिकारी यहां के लोगों के साथ भेदभाव करने का काम कर रहे हैं। हावड़ा डिवीजन के अंतिम व प्रथम स्टेशन होने के बावजूद गुमानी रेल विभाग का उपेक्षा का शिकार हमेशा से होती आई है। मालदा हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव से गुमानी क्षेत्र के लाखों लोगों को फायदा पहुंचेगा एवं व्यवसायियों को रोजगार उपलब्ध होगा।
केन्द्रीय समिति सदस्य मो. मोसब्बर ने कहा कि मालदा हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस का गुमानी स्टेशन में ठहराव हमारी बहुत पुरानी मांग है। यहां के अधिकांश लोग पश्चिम बंगाल पर निर्भर है एवं व्यवसाय, रोजगार एवं चिकित्सा हेतु अधिकांश लोगों को कोलकाता एवं उत्तर बंगाल जाना पड़ता है,लेकिन उक्त ट्रेन का स्टॉपेज नही रहने के कारण यहां के लाखों स्थानीय लोगों को फरक्का एवं पाकुड़ जाकर ट्रेन पकड़ना पड़ता है, जिससे लोगों का समय व धन की बर्बादी होती है। हावड़ा डीआरएम झारखंड की उपेक्षा कर रहे हैं। ट्रेन पश्चिम बंगाल के मालदा से खुलकर पश्चिम बंगाल के हावड़ा तक झारखंड होते हुए जाती है,लेकिन झारखंड के मात्र एक स्टेशन पाकुड़ में रुकती है, जबकि बंगाल के अनावश्यक जगहों पर भी उक्त ट्रेन की स्टॉपेज है, फरक्का से तिलडांगा मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्टॉपेज है, लेकिन 20 किलोमीटर दूरी पर गुमानी स्टेशन में ट्रेन का ठहराव करवाना मुनासिब नहीं समझते हैं।
युवा नेता अफीफ अमसल ने रेलवे अधिकारियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विगत 10- 12 वर्षों से यहां के लोग हावड़ा मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर मांग कर रहे हैं। तत्कालीन विधायक अकील अख्तर ने भी कई बार इस समस्या से रेलवे विभाग को अवगत कराया था, लेकिन अब तक उसे पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। गुमानी रेलवे स्टेशन 50 से 60 गांव की अत्यधिक आबादी के बीच स्थित है। प्रतिदिन हजारों यात्री अपने व्यावसायिक कार्यों, रोजगार की तलाश और चिकित्सा के लिए अन्य ट्रेनों से पाकुड़ और फरक्का जाकर कोलकाता और उत्तर बंगाल की यात्रा करते हैं। सैकड़ों पत्राचार डीआरएम हावड़ा के कार्यालय को किया गया,लेकिन उनकी तरफ से इस मामले में जिम्मेदारी और परिणाम बहुत निराशाजनक है। इस क्षेत्र के लोगों के पास हावड़ा या सिलीगुड़ी की ओर रेल सेवा के अलावा संचार का दूसरा कोई साधन उपलब्ध नहीं है। फिर भी इस तरह की अपेक्षा अत्यंत निराशाजनक है। प्रदर्शन के दौरान ऑन ड्यूटी स्टेशन मैनेजर के बार-बार मनाने के बावजूद भी जब प्रदर्शनकारी डटे रहे तो रामपुरहाट के ट्रैफिक इंस्पेक्टर अरुण कुमार शाह से फोन पर कमेटी की वार्ता हुई, उन्होंने इस मांग को डीआरएम हावड़ा तक पहुंचाकर कर, इसे पूरा करवाने का सकारात्मक आश्वासन दिया।
बरहरवा प्रखंड कमेटी ने धरना प्रदर्शन के बाद लिखित अल्टीमेटम डीआरएम हावड़ा को ऑन ड्यूटी स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से सौंपा,जिसमें उल्लेख किया कि विगत दिनांक 20 दिसंबर को इस मांग को लेकर मांग पत्र भेजा गया था, लेकिन काफी समय दिए जाने के बावजूद कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई जो अत्यंत दुखद एवं खेदजनक है। आज जब आमजन प्रदर्शन में बैठे हैं तो भी रेल विभाग ओर से कोई भी वरिष्ठ अधिकारी लिखित आश्वासन देने के लिए यहां नहीं भेजा गया जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं कमेटी ने रेलवे विभाग को एक महीने के भीतर मांग को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया अन्यथा बाध्य होकर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दिया।
मौके पर केंद्रीय समिति सदस्य मो. मुजीबुर रहमान, नवीन कुमार दुबे, सरफराज अहमद, राजीव रंजन, जिला प्रधान सचिव मो. सायेबान, प्रखंड सचिव प्रणव साह, रेल यात्री सेवा समिति के अध्यक्ष सेताब खान, कामिल अहमद, महताब आलम, मीडिया प्रभारी फरोग अहसान, हाजी तैमूर रहमान, डालिम शेख, नैहार अली, वाहीदुर रहमान, फरहाद हुसैन, अबुल कलाम, हैदर अली, वसीम अख्तर, असराउल शेख, मसूद आलम, सद्दाम हुसैन, इसराइल शेख, जॉनी शेख, असगर अली, नसीम अख्तर, बबलू शेख, शफिकुल इस्लाम, आमिर हमजा, हाशिम अख्तर, अनिकुल शेख, तारीकुल अंसारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं प्रदर्शनकारी मौजूद थे।





