धनबाद।हीरापुर जेसी मल्लिक अभया अपार्टमेंट डकैती कांड में एक मोबाइल ने पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई है। सागर सेन के घर से लूटे गए मोबाइल को देवरिया खामपार थाना क्षेत्र के कुकुरघाटी के मुन्ना यादव ने अपने गांव की माशूका को दे दिया था।मुन्ना की माशूका ने जैसे ही फोन का इस्तेमाल किया तो तुरंत पुलिस को भनक लग गई।पुलिस के हाथ इसी सुराग से डकैतों के गिरेबान तक पहुंचे।
डकैती के 11 दिन बाद मुन्ना की माशूका ने लूटे गये मोबाइल में दूसरा सिम लगाकर 15 से 18 सितंबर तक इस्तेमाल किया।धनबाद पुलिस मोबाइल को आईएमईआई नंबर से ट्रैक कर रही थी।पुलिस को जैसे ही मोबाइल इस्तेमाल होने की जानकारी मिली पुलिस के कान खड़े हो गए।पुलिस टीम यूपी के देवरिया पहुंची।मुन्ना की माशूका के पास मोबाइल जब्त होने के बाद भी मुन्ना पुलिस को गुमराह कर रहा था।पुलिस की लंबी पूछताछ के बाद मुन्ना ने डकैती में शामिल होने में पर्दा उठाकर राज खोला और अपने बाकी साथियों के नाम बताए।
नही सुलझी डकैती के माल की गुत्थी
धनबाद पुलिस दशहरा के बाद बिहार के नालंदा और यूपी के देवरिया जाएगी। हरनौत डकैती कांड में योगेंद्र महतो उर्फ अजय चौहान उर्फ मास्टर नालंदा जेल में बंद है।देवरिया में गांजे के साथ पकड़े जाने से मुन्ना यादव देवरिया जेल में बंद है।न्यायालय से आदेश लेकर दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर धनबाद लाया जाएगा।पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। डकैती कांड के उद्भेदन के बाद भी पुलिस लाखों रुपए के जेवरात के बारे में जानकारी जुटाने में नाकाम है।पुलिस ने डकैती कांड में बोकारो से रामजी साव को भी गिरफ्तार किया है।रामजी ने जेवरात कहां किसको बेचा इसके बारे में कुछ नहीं बता रहा है। इधर पुलिस डकैती कांड में शामिल देवरिया के रहने वाले मुन्ना यादव के चचेरे भाई भोला यादव और देवव्रत यादव के अलावा बोकारो के प्रकाश व राजू को खोजने में लगी है।
पुलिस को मास्टर के पुराने शागिर्दों की तलाश
मास्टर 2004 में धनबाद के जिला परिषद कॉलोनी में प्रभाषचंद्र मंडल, 2003 में डीजीएमएस कॉलोनी में सुधीर कुमार और 2006 में हाउसिंग कॉलोनी में विशाल दीक्षित के घर हुई डकैती कांड में जेल जा चुका है।अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना योगेंद्र महतो उर्फ मास्टर को 16 जुलाई की रात हरनौत में बाइक शोरूम के मालिक के घर हुई डकैती के मामले में बिहार पुलिस ने पकड़ा था।मास्टर के खिलाफ धनबाद के अलावा रांची, पटना, गोपालगंज, गया, कहलगांव, सिवान, सारण और हरनौत थाने में डकैती के मामले दर्ज हैं। पुरानी फाइल के आधार पर पुलिस मान रही है मास्टर के धनबाद में कई शागिर्द हैं।





