लखनऊ।पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार की मुश्किलें अब लगातार बढ़ती जा रही हैं।मुख्तार के बेटे और मऊ से समाजवादी पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।पुलिस ने अब्बास अंसारी की तलाश में सोमवार को राजधानी लखनऊ, गाजीपुर, मऊ नई दिल्ली और नोएडा स्थित आवास पर दबिश दी है।उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा के चुनाव में अब्बास अंसारी मऊ से विधायक निर्वाचित हुए हैं।
बताया जा रहा है कि सपा विधायक अब्बास अंसारी की तलाश के लिए एडीसीपी नार्थ और डीसीपी नार्थ के नेतृत्व में दो टीमें बनाई गई हैं।अब्बास की तलाश में लखनऊ के तीन ठिकानों पर, गाजीपुर और मऊ के अलावा दिल्ली में भी कई जगहों पर छापेमारी की गई। हालांकि अभी तक पुसिल के हाथ इस मामले में खाली बताए जा रहे हैं।
वर्ष 2012 में राजधानी लखनऊ से जारी शस्त्र का लाइसेंस बगैर सूचना दिए नई दिल्ली के पते पर स्थानांतरित कराने के मामले में गैरहाजिर चल रहे अभियुक्त अब्बास अंसारी के खिलाफ एमपी-एमएलए की विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। 12 अक्टूबर 2019 को इस मामले की एफआईआर प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने थाना महानगर में दर्ज कराई थी। 2012 में लखनऊ जिलाधिकारी ने अब्बास अंसारी के नाम डीबीबीएल गन का लाइसेंस जारी किया था।
अब्बास अंसारी ने इस लाइसेंस को नई दिल्ली के पते पर स्थानांतरित करा लिया,लेकिन इसकी पूर्व सूचना थाना महानगर को नहीं दी। इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ बयान देने के मामले में एफआईआर रद्द किए जाने और गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने की मांग वाली अब्बास अंसारी की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।पुलिस द्वारा चार्जशीट लगाए जाने के बाद कोर्ट ने अब्बास अंसारी की अर्जी को खारिज करने का फैसला सुनाया था।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी ने विवादित बयान दिया था।उन्होंने कहा था कि नतीजे आने के बाद अधिकारियों को 6 महीने तक हटाया नहीं जाएगा।सपा सरकार बनने के बाद पहले अधिकारियों से हिसाब लिया जाएगा।इसके साथ उन्होंने कहा था कि इस मामले में अखिलेश यादव से बात भी हो चुकी है।





