रांची।झारखंड की राजधानी रांची जगह-जगह जाम के झाम के लिए बदनाम है। रांची का सिरदर्द बहुत खास इलाका कहलाने वाला कांटाटोली है।कांटाटोली से जल्‍द ही बड़ी खुशखबरी सामने आ सकती है। यहां पर अब छोटे-बड़े तमाम वाहन फर्राटा मारते हुए जल्‍द ही फ्लाइओवर पर दौड़ते हुए दिखायी देंगे।बड़े-बड़े गड्ढो वाला और जानलेवा हिचकोले खाने वाले डायवर्सन अब कुछ समय की बात होगी।मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कैबिनेट में कांटाटोली फ्लाईओवर को लेकर बड़ा फैसला लिया है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार कांटाटोली फ्लाइओवर के निर्माण को लेकर बातें तो सालों से की जाती रही लेकिन पहली बार इस योजना ने जुलाई 2016 में मूर्तरूप लिया और इसके अनुसार फ्लाईओवर के निर्माण पर 51.7 करोड़ रुपये खर्च होना था और जमीन अधिग्रहण के लिए 192.18 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था। फ्लाईओवर की कुल लंबाई 905 मीटर थी बाद में कई परिवर्तन हुए और फ्लाईओवर की लंबाई से लेकर प्रारूप और तकनीक तक बदल दी गई। मई 2020 में तय हुआ कि फ्लाईओवर का निर्माण वाइएमसीए से लेकर कोकर के शांतिनगर तक होगा जिसकी वजह से लंबाई 1250 मीटर हो गई।बाद में ये महसूस किया गया कि इससे कांटोटोली को जाम के झाम से मुक्त कराया जा सकेगा लेकिन बहुबाजार इलाके में जाम की समस्या बनी ही रहेगी। इसके बाद कई समीक्षा बैठक के क्रम में फ्लाईओवर का निर्माण योगदा सत्संग आश्रम तक करने का निर्णय लिया गया और इस क्रम में कुल लंबाई 2240 मीटर हो गई। वर्तमान प्रारूप में 121.28 करोड़ रुपये पुल निर्माण पर खर्र होगा जबकि भूमि अधिग्रहण पर 136.21 करोड़ रुपये खर्च होगा। इसके बाद पुल निर्माण की तकनीक में बदलाव किया गया और फिर से डीपीआर तैयार कराई गई जिसके अनुसार परियोजना की लागत 224.94 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें भू-अधिग्रहण के लिए आवश्यक राशि को जोड़कर रखा गया है।



रांची के कांके अंचल में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर में तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां 40.68 एकड़ में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमंट एवं कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर तैयार होगी जिसमें लोगों के ठहरने के लिए 180 बेड का डोरमेटरी उपलब्ध होगा तो 16 कार्यालयों के लिए स्थान रखा जाएगा। इसके साथ ही रिटेल शॉप, पुलिस चेक पोस्ट, चार लेन पहुंच पथ, 424 बड़े वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ गोदाम की भी व्यवस्था उपलब्ध होगी। पेट्रोल पंप के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी मौजूद रहेंगे। परियोजना के प्रथम फेज की कुल लागत 113 करोड़ रुपये आंकी गई है।