रांची।राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग से ठीक एक दिन पहले एनडीए के विधायक और सांसद से अंतरात्मा की आवाज को सुनकर वोट करने का दांव विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए उलटा पड़ गया।राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम आने के बाद डेटा विश्लेषण से पता चलता है कि झारखंड में कम से कम आधे कांग्रेस विधायकों ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया। इससे यह भी साफ हो गया है कि राज्य में देश की सबसे पुरानी पार्टी की ईकाई एकजुट नहीं है।





उपलब्ध डेटा के अनुसार द्रौपदी मुर्मू को झारखंड विधानसभा से 70 वोट हासिल मिले। 81 सदस्यों वाले सदन में यशवंत सिन्हा को सिर्फ 9 वोट मिले जबकि 80 विधायकों ने वोट डाला था। भाजपा के विधायक इंद्रजीत महतो बीमार होने की वजह से वोट नहीं दे पाए।एक विधायक का वोट अवैध घोषित किया गया।





79 वैध वोटों में से द्रौपदी मुर्मू को 70 वोट मिले।इसमें 25, सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के 30 विधायकों और आजसू के 2 वोट शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही मुर्मू के समर्थन का ऐलान कर दिया था। इसके अलावा अंतरात्मा की दलील देते हुए एनसीपी के एक विधायक ने मुर्मू को वोट दिया तो दो निर्दलीय विधायकों ने भी पहली बार किसी आदिवासी को सर्वोच्च पद पर पहुंचाने के लिए वोट दिया। दूसरी तरफ यशवंत सिन्हा के लिए 20 घोषित वोट थे।जिसमें 18 कांग्रेस के विधायक और आरजेडी, सीपीआई (एमएल) के एक-एक विधायक हैं। हालांकि, यशवंत सिन्हा को सिर्फ 9 वोट मिले, जबकि द्रौपदी मुर्मू को 10 अधिक वोट मिले। इस वजह से माना जा रहा है कि कम से कम आधे कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।





झारखंड बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यह प्रतीत होता है कि कई कांग्रेस विधायकों ने यशवंत सिन्हा की सलाह को गंभीरता से ले लिया और अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट डाला।हमें शुरू से इसका विश्वास था।कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि चूंकि राष्ट्रपति चुनाव में कोई प्रावधान नहीं होता है, यह कहना मुश्किल है कि किसने किसके लिए वोट डाला। सांसदों और विधायकों ने अपनी इच्छा के मुताबिक वोट डाला। यदि हमारे विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है तो पार्टी कारणों की जांच करेगी।





झारखंड कांग्रेस को लेकर अटकलें भी लगने लगी हैं कि क्या यह महज क्रॉस वोटिंग है या कुछ बड़ा पक रहा है। यह सब ऐसे समय पर हो रहा है जब राज्य के मुख्यमंत्री उनका परिवार और सहयोगी कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। एक कांग्रेस नेता ने कहा कि 18 कांग्रेस विधायकों में से 7 आदिवासी है, जबकि 5 महिलाएं हैं। हो सकता है कि इस वजह से कुछ विधायकों ने मुर्मू के समर्थन में वोट किया हो। यदि हम एकमात्र आरजेडी विधायक, जो आदिवासी हैं, को गिनती कर लें तो 9 कांग्रेस विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के लिए वोट किया।





पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा कि यदि क्रॉस वोटिंग महज एक घटना भी है तो यह पार्टी के लिए सही नहीं है,जो देशभर में पहले ही मुश्किलों का सामना कर रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के आदेश का उल्लंघन किया है, इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए, खासकर यह देखते हुए कि बीजेपी ऑपरेशन लोटस को अंजाम देने की फिराक में रहती है।