प्रतिनिधि,दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में युवाओं में मन:चिकित्सीय समस्याएं विषय पर एक विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि आज युवा भय , तनाव व विषाद का पर्याय बन गया है। शैक्षणिक ज्ञान की कमी के कारण जहां उन्हें प्रतियोगिता की बैतरणी को पार करने में असफलता मिलती है। अपेक्षित शैक्षणिक ज्ञान के अभाव में आत्म विश्वास की कमी व हीनता की भावना उत्पन्न होती है तो वहीं ऐसे हालात में भय, चिंता व तनाव के वातावरण में आत्महत्या का शिकार भी होते है।
डॉ. शर्मा ने कहा यह भी भारत में युवाओं में डिप्रेशन एक कॉमन मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम है।जहां 10% युवा विषाद का शिकार है तो 20% युवा तनाव, व्यवहारिक विकार, ऑब्सेसन, अटेंशन प्रॉब्लम, आदि अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित है। उनमें नशा व लैंगिक विकार आदि भी एक कॉमन प्रॉब्लम होता जा रहा है।आज युवा एक ओर जहां आभिभावकों के आकांक्षाओं को पूरा करने में असमर्थ हो रहे, बेरोजगार हो रहे है तो वही गलत नीतियों के उलझनों में उलझ भ्रमित हो रहे है। मानकविहीन व्यवहार कर रहे है। गलत आचरणों के आदि के शिकार हो समाज में आशांति, द्वेष व असुरक्षा का कारण बन रहे है। युवाओं को न तो नियमित परामर्श मिलता है न ही मेंटरींग होता है,जिसका उसके उसके भावनाएं दमित रह जाती है जो आगे चलकर मानसिक विकृति का कारण बन जाता है। हाल में यू जी ने भी इस बात की हकीकत को स्वीकारते हुए विभिन्न विश्वविद्यालयों व कॉलेज में छात्र सेवा केंद्र खोलने की योजना बनाई है। जहां विद्यार्थी इस सुविधा केंद्र से अपने शैक्षणिक वातावरण में उत्पन्न तनाव, विषाद, संवेगात्मक विकार आदि को दूर कर पाएंगे। साथ ही खुद को वैश्विक प्रतियोगिता के योग्य सक्षम साबित कर पाएंगे।
मौके पर पी एच डी स्कोलर दिव्या कुमारी, हीना परवीन, पूजा कुमारी, अनुबाला कुमारी, दशरथ महतो व अनूपलाल मुर्मू ने भी विचार रखे। सबों में इस बात की सहमति थी कि शैक्षणिक वातावरण में सुधार हो तथा क्वालिटी एजुकेशन मिले,जिससे वो प्रतियोगिता में सफल साबित हो सके व अभिभावकों के अपेक्षाओं पर खड़ा उतर सके।





