लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन में कमाल हुआ है।जू में पहली बार घड़ियाल ने एक दर्जन से अधिक बच्चों को जन्म दिया है।जू के इतिहास में ये पहली बार है जब मादा घड़ियाल ने एक साथ एक दर्जन से अधिक बच्चों को जन्म दिया है। मादा घड़ियाल को लगभग 22 साल पहले कुकरैल घड़ियाल रिजर्व से जू लाया गया था। घड़ियालों के जन्म के बाद जू में इनकी संख्या भी बढ़ गई है। घड़ियालों के जन्म को लेकर जू में खुशी का माहौल है।जू में पहले से मौजूद सात घड़ियालों में से तीन नर हैं। तीन किशोर और एक मादा है।





आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ के चिड़ियाघर से पिछले 10 सालों में 19 घड़ियालों को दूसरे चिड़ियाघरों को भेजा गया है। चिड़ियाघर से वन्यजीव विनिमय के तहत वर्ष 2012 में कानपुर चिड़ियाघर को दो, 2013 में राजकोट प्राणि उद्यान को तीन, वर्ष 2014 में राजकोट को चार, वर्ष 2017 में ओडिसा प्राणि उद्यान को चार, वर्ष 2021 में कुकरैल घड़ियाल केंद्र को दो, वर्ष 2022 में नागालैंड चिड़ियाघर को चार घड़ियाल भेजे गए थे।पिछले कुछ समय से प्रजनन दर में कमी की वजह से चिड़ियाघर में घड़ियालों की संख्या कम हो गई थी। महज सात घड़ियाल ही बचे थे, जिसमें तीन नर, एक मादा घड़ियाल के अलावा तीन बच्चे शामिल हैं। यहां की एकमात्र मादा घड़ियाल को कुकरैल घड़ियाल केंद्र से 22 वर्ष पहले चिड़ियाघर लाया गया था।





प्राणि उद्यान के निदेशक वीके मिश्र ने बताया कि सभी 12 बच्चों के खानपान और स्वास्थ्य की मानीटरिंग की जा रही है।





चिड़ियाघर के सहायक निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने के मुताबिक शिशुओं की कुल संख्या की पुष्टि केवल तब की जाएगी। जब सभी घड़ियाल पानी से बाहर निकलते हैं और सर्दियों के दौरान अपने शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए धूप में रहते हैं। शिशुओं में से कुछ अभी भी भूमि में हैं, जबकि अन्य पानी में हैं।