रांची।गैंग्स ऑफ वासेपुर व्हाट्सएप ग्रुप में भड़काऊ मैसेज कर वायरल करने का आरोपी डोरंड का रहने वाला नवाब चिश्ती को पुलिस ने गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया।जांच में ये भी बात सामने आयी है कि विवादित बयान के खिलाफ दस जून को प्रदर्शन का मैसेज इसी व्हाट्सएप ग्रुप से ज्यादा वायरल हुआ था।ग्रुप में आरोपी नवाब ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।नवाब ही इस ग्रुप का एडमिन है।
गैंग्स ऑफ वासेपुर नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में आए मैसेजों की जांच-पड़ताल के बाद आरोप सही पाया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जाता है कि नवाब पहले भी दंगा भड़काने के आरोप में दो बार जेल जा चुका है।पुलिस का कहना है कि रांची हिंसा को भड़काने में गैंग्स ऑफ वासेपुर व्हाट्सएप ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस ग्रुप के जरिए कई दिनों से प्रदर्शन के मैसेज को वायरल कर लोगों को भड़काया जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, जिसमें उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार किया है। इधर पुलिस ने उस ग्रुप में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि उन लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रांची पुलिस को नवाब चिश्ती के बारे में सूचना मिलने के बाद जांच और सत्यापन किया तो पता चला कि युनूस चौक डोरंडा का नबाब चिश्ती सोशल मिडिया पर तरह-तरह का मैसेज भेजकर धार्मिक उन्माद फैलाता है और दंगा भड़काता है। नवाब अपने मेसेज द्वारा दंगा और हिंसा भड़काने के आरोप में पहले भी डोरंडा थाना कांड सं0-227/2019, चार जुलाई 2019 को धारा -295(ए) / 153/153 (ए) में जेल गया है। उस कांड में नवाब आरोपी है।पुलिस को जांच में ये भी पता चला कि हिंदीपीढ़ी थाने से भी दंगा भड़काने के आरोप में उसी वर्ष उसे जेल भेजा गया था।एकरा मसजिद के पास पांच जुलाई 2019 को विवेक श्रीवास्तव और दीपक पर चाकू से हमला करने के मामले में नवाब चिश्ती और तबरेज अंसारी उर्फ शेरा को हिंदपीढ़ी पुलिस ने बीते 31 जुलाई 2019 गिरफ्तार किया था। दोनों को जेल भेज दिया गया था।





