रांची।झारखंड मुक्ति मोर्चा राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगा या फिर विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का समर्थन करेगा इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर सियासी दलों की धड़कनों को बढ़ा दिया हैं।
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पहले अमित शाह और कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जून खड़गे से मुलाकात की। बरहाल सोरेन के कार्यालय ने दोनों मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है।झामुमो के सूत्रों ने बताया कि अमित शाह के साथ अपनी बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री ने केंद्र के बकाया समेत राज्य के प्रशासनिक मुद्दों को उठाया और राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि अमित शाह ने हेमंत सोरेन से राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को झामुमो का समर्थन देने का आग्रह किया,जिस पर झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि पार्टी उचित समय पर इस पर फैसला करेगी।
राष्ट्रपति पद के लिए मुर्मू को समर्थन देने को लेकर झामुमो दुविधा में फंस गई है।आदिवासी बहुल राज्य होने के कारण झारखंड का सत्तारूढ़ दल देश के शीर्ष संवैधानिक पद के लिए जनजाति वर्ग की नेता के खिलाफ जाते नहीं दिखना चाहता, लेकिन साथ ही भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कड़े रुख में किसी भी तरह की नरमी की धारणा बनने के प्रति भी सावधान है।
झामुमो सूत्रों ने बताया कि रविवार को झारखंड में मांडर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पर हेमंत सोरेन ने खड़गे से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आगामी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। समझा जाता है कि हेमंत सोरेन ने खड़गे से यह भी कहा कि पार्टी जल्द ही फैसला करेगी कि राष्ट्रपति चुनाव में किसे समर्थन देना है।
ये मुलाकात ऐसे समय में हुई हैं जब अटकलें लगाई जा रही हैं कि झामुमो एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगा या विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का। मुर्मू ने सोरेन को फोनकर 18 जुलाई को होने वाले चुनाव में झामुमो का समर्थन मांगा था।





