रांची।झारखंड में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक गहमा-गहमी बढ़ गयी है।यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा अपने पक्ष में समर्थन जुटाने और वोट के लिए राज्यों के दौरे पर चल रहे हैं।इसी क्रम में शुक्रवार को यशवंत सिन्हा बुद्ध की भूमि और अपनी जन्मभूमि बिहार में राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार अभियान पूरा कर देर शाम अपनी कर्मभूमि रांची पहुंचे।





यशवंत सिन्हा विशेष विमान से शुक्रवार की शाम राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे।यहां प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद और अन्य कांग्रेस नेताओं ने उनका का हावाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया।उनके साथ कांग्रेस के सुधींद्र कुलकर्णी और प्रणव झा भी साथ चल रहे हैं। यशवंत सिन्हा रांची से हजारीबाग के लिए रवाना हो गए।





यशवंत सिन्हा ने रांची में हुए स्वागत से भाव विभोर होकर ट्वीट किया कि बिहार से मिले प्यार और जोरदार समर्थन के बाद रांची पहुंचा हूं। कर्मभूमि के रूप में धरती आबा बिरसा मुंडा जी की भूमि झारखंड ने मुझ पर हमेशा स्नेह रखा और आज स्वागत भी उतना ही आत्मीय रहा।उन्होंने लिखा कि बिहार में विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों के साथ सार्थक बैठक हुई। ये वही बिहार है, जिसने बुद्ध और बापू दोनों को राह दिखाई और आजादी के बाद से बिहार लोकतंत्र की मजबूती का मार्ग प्रशस्त करता रहा है।





यशवंत सिन्हा आज शनिवार राजधानी रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में 12 बजे कांग्रेस सांसद और विधायकों के साथ राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे और प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।इस बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर समेत दिल्ली से आए पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। एयरपोर्ट पर यशवंत सिन्हा का स्वागत करने वाले लोगों में ज्योति सिंह मथारु, गजेंद्र सिंह, सत्यनारायण सिंह, अजय सिन्हा, संतोष राय, विनय सिन्हा समेत अन्य कांग्रेसी शामिल थे।





झामुमो का विलय नहीं हुआ गठबंधन के साथी





कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर उन्हें झामुमो से अपेक्षा थी कि जिस आधार पर सरकार बनाई थी, उसी आधार पर झामुमो सहयोग करेगा, लेकिन उन्होंने अपना निर्णय लिया है। जरूर सोच समझकर निर्णय लिया होगा। बहुत सारी स्थिति परिस्थितियों को देखने के बाद इस पर निर्णय होता है। झामुमो का कांग्रेस में विलय नहीं हुआ है।वह गठबंधन के साथी हैं,वह निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। समन्वय समिति के सवाल पर उन्होंने कहा कि समन्वय समिति राज्य सरकार के निर्णय और चुनाव के पूर्व किए गए घोषणापत्र के वादे को पूरा करने के लिए है ना कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए।





विचारधारा की लड़ाई में विपक्ष के साझा प्रत्याशी हैं यशवंत सिन्हा





झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार की शाम सेवा विमान से राजधानी रांची पहुंचे। एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर सहित कई नेताओं ने उनकी आगवानी की। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में अविनाश ने कहा कि विचारधारा की लड़ाई में विपक्ष के साझा प्रत्याशी यशवंत सिन्हा हैं। हम सबने मिलकर उम्मीदवार तय किया था। झामुमो द्वारा एनडीए के प्रत्याशी को समर्थन देने के फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि झामुमो ने कुछ सोच कर ही निर्णय लिया है। वैसे झारखंड में हमारा गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है।