प्रतिनिधि,सिंदरी। सिंदरी जो हमेशा से औद्योगिक नगर था और अभी यूरिया की फैक्ट्री के अलावा एसीसी की तीन यूनिट चालू है। पहले झरिया सिंदरी की मुख्य सड़कों पर सैकड़ों गाड़ियां चलती थी।अब हजारों में बदल चुका है। एसीसी हमेशा से अपनी सेफ्टी, सिक्योरिटी एवं अनुसाशन के लिए जानी जाती रही है, किन्तु पिछले कुछ महीनों से अचानक हफ्ते में एक - दो हाईवा का पल्टी कर जाना या दुर्घटनाग्रस्त हो जाना आम बात हो गयी है। जब पत्रकारों ने इसकी सत्यता को जानने के लिए फील्ड में जांच पड़ताल की तो पाया कि हाईवा चलाने वक्त चालक के द्वारा मोबाइल पर बात करना, सीटबेल्ट का प्रयोग ना करना, गाड़ी घुमाते वक्त इण्डिकेटर का प्रयोग ना करना आदि देखा गया। वही स्थानियों ने बताया कि माल अनलोडिंग करने के बाद काफी तेज रफ्तार से गाड़ी तीखे मोड़ पर भी चलाते हैं, जिससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है, कुछ चालक माल लोड करने के बाद होटलों में भोजन के साथ मदिरा पान भी कर लेते हैं, जिसके बाद गाड़ी की रफ्तार कितनी भी हो वे बेफिक्र होकर अपना गाड़ी चलाते है, बाकी सड़क पर चलने वाले अपनी जान की परवाह खुद करें।





जिला प्रशासन की अनदेखी की खामियाजा आमलोगों को भुगतान पड़ रहा है। पहले जिला की ओर से प्रशासनिक अधिकारी जगह जगह जांच टीम के द्वारा लइसेंस, चलान, पालुशन सर्टिफिकेट आदि का जांच करते थे, जिससे डर एवं दहशत बनी रहती थी, जो अब बिल्कुल नहीं है।





एसीसी के आसपास के लोगों ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि सप्ताह में एक बार एसीसी से निकलने वाली गाड़ियों की पूर्ण जांच हो एवं एसीसी मैनेजमेंट भी अपने ड्राइवरों की ड्राइविंग लाइसेंस की कम से कम जांच करें।