रांची।झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस अंबुज नाथ की खंडपीठ में लालू प्रसाद के चारा घोटाला मामले में सजा बढ़ाए जाने के मामले में सुनवाई हुई।सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत से समय दिए जाने की मांग की गई। मांग को अदालत ने स्वीकार कर लिया।इस मामले में अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी।
सीबीआई की ओर से देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव सहित अन्य की सजा बढ़ाए जाने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया कि इस मामले में उन्हें पक्ष रखने के लिए समय दिया जाए।आरके राणा की ओर से अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने कोर्ट को बताया कि उनका निधन हो गया है। इस पर अदालत ने उनका नाम याचिका से हटाने के लिए कोर्ट में आवेदन देने का निर्देश दिया। आईएएस फूलचंद के अधिवक्ता ने भी उनके निधन की जानकारी कोर्ट को दी।
आपको बता दें कि देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को छह जनवरी 2018 को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी पाकर साढ़े तीन साल की कैद के साथ पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में पूर्व सांसद जगदीश शर्मा को सात साल की कैद के साथ 20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इसी आधार पर सीबीआई की ओर से कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया है कि चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव षड्यंत्रकारी थे,लेकिन अदालत ने उन्हें कम सजा दी है। इसलिए इनकी सजा बढ़ाकर कम से कम सात साल की जानी चाहिए।





