प्रतिनिधि,बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय कैंपस के अंदर पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के द्वारा शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता की जांच व वाटर टेस्टिंग लैब निर्माण कार्य को लेकर स्थल का निरीक्षण किया गया।जिसमें मुख्य रूप से 13×12 का एक कमरा निर्माण किया जाएगा एंव जल का स्वास्थ्य व उसकी गुणवत्ता जांच मशीन लगाई जाएगी।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनिय अभियंता प्रदीप तिर्की ने कहा कि पीने के शुद्ध जल का गुणवत्ता मानक के अनुरूप ही होना चाहिए। मानक से अधिक या कम मात्रा होने पर लोगों को कई जलजनित बिमारियां होने का खतरा बना रहता है और शरीर में मिनिरल की जितनी आवश्यकता जल से मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाता है।आगे बताया कि प्रखंड में वाटर टेस्टिंग लैब का निर्माण होने पर प्रखंड वासियों को अपने पीने का पानी का गुणवत्ता की जांच करवा सकते हैं,जिसमें अच्छी गुणवत्ता वाले जल का उपयोग लोग कर सकते हैं।शुद्ध पेयजल के लिए उचित मात्रा में 200-600 के बीच टीडीएस वाले जल उचित होता है।
इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार पाण्डेय, पेयजल व स्वच्छता विभाग के जेई प्रदीप कुमार तिर्की,सदर प्रखंड के जेई अरुण कुमार व अन्य लोग मौजूद थे।





