वाराणसी।भारत को शुक्रवार 13 जनवरी से दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज की सौगात मिलने जा रही है।यह सौगात पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लाएगी और इसकी झलक अभी से नज़र आ रही है।गंगा विलास क्रूज यूरोपीय देशों के लोगों को खूब भा रहा है।इसका परिणाम है कि अगले 5 सालों के लिए लगभग 60 फ़ीसदी यूरोपीय और अन्य विदेशी नागरिकों ने इसकी बुकिंग करा रखी है।
बताते चलें कि देश में रिवर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आज शुक्रवार 13 जनवरी को वाराणसी सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज गंगा विलास का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।इसके बाद गंगा विलास क्रूज अपने 32 सौ किलोमीटर के लंबे सफर के लिए रवाना हो जाएगी। रवान होने से पहले क्रूज़ में 32 पर्यटक मौजूद है, तो वहीं अगले 5 सालों के लिए लगभग 60 फ़ीसदी विदेशी पर्यटकों ने इसकी बुकिंग पहले ही करा रखी है।
एडवांस बुकिंग के बाबत क्रूज के अधिष्ठाता राज सिंह ने बताया कि गंगा विलास का इंटीरियर विदेशी पर्यटकों को खूब पसंद आ रहा है।आगामी 5 सालों के लिए लगभग 60 फ़ीसदी डिपार्चर की बुकिंग हो चुकी है।इसमें यूरोपीय, नार्वे, जर्मन देशों के लोग शामिल है।राज सिंह ने बताया कि हमारे लिए यह एक बड़ा मौका है, जब लॉन्चिंग के पहले ही हमारे पास इतनी सारी क्वेरी आ रही है।हमें उम्मीद है कि लॉन्चिंग के बाद और भी ज्यादा लोग इसे पसंद करेंगे और लगातार इसकी बुकिंग बढ़ती जाएगी।सिर्फ विदेशी ही नहीं बल्कि भारतीय पर्यटकों की भी क्वेरी आ रही है।हम यह उम्मीद जताते हैं कि, भारतीय पर्यटक भी इस क्रूज़ में यात्रा कर सकेंगे।
राज सिंह ने बताया कि 51 दिन की यात्रा के साथ-साथ अन्य छोटे-छोटे 4, 10, 12 दिन की यात्रा के पैकेज भी हैं।यदि यात्री चाहे तो उस पैकेज का भी प्रयोग कर सकते हैं।
बता दें कि गंगा विलास देश में निर्मित स्वदेशी जहाज है।गंगा विलास हर तरह की आधुनिक सुविधाओं से युक्त है।इस आधुनिक सुविधाओं में पर्यटकों को बेहद लग्जरी सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है और यही सुविधा पर्यटकों को खासा पसंद भी आ रही है।





