प्रतिनिधि,गिरिडीह। जिले के डुमरी थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में एक राहगीर की मौत हो गई।इस घटना के बाद डुमरी पुलिस ने जो किया उस पर सवाल उठ खड़ा हुआ है।जब परिजनों ने डुमरी पुलिस से मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने हेतु वाहन की व्यवस्था में मदद करने का अनुनय किया,तो कहा गया कि शव को ले जाने के लिए फॉर्च्यूनर चाहिए क्या। राहगीर के शव को सम्मान से पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बजाय शव को एक खुले हुए मोटर ठेले में लाद कर करीब 44 किमी दूर गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस की इस करतूत और कार्यशैली से स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में बेहद आक्रोश नजर आया। इस वाकये को लेकर मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों के हंगामा से कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की कार्यशैली की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि पुलिस ने मानवता को शर्मसार करने वाली सारी हद पार कर दिया। संसाधन रहते हुए पुलिस ने जो करतूत किया है उससे साबित होता है कि गिरिडीह पुलिस पूरी तरह से संवेदनहीन हो गई है।





