प्रतिनिधि,गिरिडीह। झामुमो विधायक एवं झारखंड बचाओ मोर्चा के मुख्य संयोजक लोबिन हेंब्रम द्वारा जहां गिरिडीह के पारसनाथ को लेकर आर-आर की लड़ाई का एलान किया गया है।वहीं इस मामले में झारखंड खतियानी संघर्ष समिति के नेतृत्वकर्ता जयराम महतो सहित कई आदिवासी संगठनों ने भी बिगुल फूंक दिया है।मंगलवार 10 जनवरी को विशाल रैली और सभा की तैयारी के लिए मधुबन तथा आसपास के क्षेत्रों में बैठकें भी किए गए। इस मामले को लेकर आदिवासी समाज टस से मस नहीं हो रहे हैं। एक प्रेस वार्ता में कहा गया था कि इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों के निर्णय गलत हैं।
पारसनाथ में आदिवासियों का धर्म गुरु मरांग बुरू और जहेर स्थल है,जहां सदियों से पूजा-अर्चना करते आए हैं,कुछ सदी पहले एक जैन मुनि वहां तप करने आए, इसके बाद उनका वहां निधन हो गया, इसके बाद उनका वहीं उनकी समाधि बना दी गई।कहा जा रहा है कि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा पारसनाथ पहाड़ जैनियों का हो गया।नेताओं का कहना है कि इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों गलत दिशा में चल रही है।दोनों का निर्णय ही पूरी तरह गलत है। इसलिए अपने धरोहर को बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई होगी।
इसको लेकर 10 जनवरी को पारसनाथ पर सभी आदिवासियों का जुटान है और सभा तय की गई है।इसके बाद 25 जनवरी को इसको लेकर बिरसा मुंडा की धरती उलिहातू में एक दिवसीय भूख हड़ताल होगी।इसके बाद मामले को लेकर कई नेताओं और विधायकों के बयान सामने आए, जिनमें आदिवासी समाज की मांग पर मुहर लगाने के पक्ष में आवाज उठाए गए।इधर प्रशासन द्वारा सम्मेद शिखरजी पारसनाथ को जैन धार्मिक तीर्थ क्षेत्र घोषित किए जाने के विरोध में मधुबन स्थित फुटबाल मैदान में मरांड़ बुरू के हजारों अनुयायी एवं सम्पूर्ण स्थानीय निवासियों के द्वारा मराड़ बुरू सांवता सुसार बैसी के नेतृत्व में 10 जनवरी को विशाल रैली एवं आमसभा का आयोजन किए जाने को ले विधि व्यवस्था नियंत्रण की तैयारियां की जा गई है।जिसे लेकर डुमरी अनुमंडल पदाधिकारी प्रेमलता ने विधि व्यवस्था के संधारण हेतु सभा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में 13 स्टेटिक दण्डाधिकारियों तथा गस्ती दल की प्रतिनियुक्ति की है। जो पार्श्वनाथ पर्वत पर जगह जगह दल बल के साथ तैनात रहेंगे। इस संबंध में जानकारी दी गई कि पीरटांड़ अंचल अधिकारी व पीरटांड़ प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के साथ भ्रमणशील रहकर समन्वय बनाते हुए विधि व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।





