रांची।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अपने नाम पर खनन लीज लेने के मामले में गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग में सुनवाई हुई।सीएम हेमंत सोरेन ने आयोग के समक्ष वकील के जरिए अपना पक्ष रखा।इस मामले की सुनवाई अब पांच अगस्त को होगी।पिछली सुनवाई के दौरान भाजपा के अधिवक्ता ने आयोग के समक्ष दलील पेश की थी।समयाभाव में हेमंत सोरेन के वकील एसके मेंदिरत्ता को पक्ष रखने के लिए 14 जुलाई का समय भारत निर्वाचन आयोग ने दिया था।





सीएम हेमंत सोरेन का कहना है कि उन पर आरपी एक्ट, 1951 की धारा 9 लागू नहीं होती।उनकी तरफ से दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट के अनेक फैसले हैं जिसमें कहा गया है कि लाभ का पद उनपर लागू नहीं होगा। बाद में भाजपा नेता की मांग पर आयोग ने सुनवाई 5 अगस्त के लिए स्थगित कर दी।





जानकारी के मुताबिक इस मामले में भाजपा की ओर से एडिशनल सबमिशन दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। इस कारण सुनवाई का समय बढ़ाया गया। सीएम हेमंत सोरेन के वकील मेंदिरत्ता ने सुनवाई के बाद मीडिया से कहा कि हमारी दलीलें नहीं सुनी गयी और अगली तारीख दे दी गयी।





आपको बता दें कि राज्यपाल रमेश बैस से शिकायत कर भाजपा नेताओं ने आरपी एक्ट, 1951 की धारा 9 ए के तहत सीएम हेमंत सोरेन को खनन लीज अपने नाम लेने के कारण विधानसभा की सदस्यता से बेदखल करने की मांग की है। राज्यपाल ने इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग से परामर्श मांगा है। परामर्श देने से पहले आयोग सुनवाई कर रहा है।





बसंत सोरेन के मामले में सुनवाई चार अगस्त को





दुमका से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक बसंत सोरेन के खिलाफ भाजपा नेताओं की शिकायत के मामले में चुनाव आयोग में चार अगस्त को सुनवाई होगी। बसंत के मामले में 15 जुलाई को सुनवाई होनी थी पर अब चार अगस्त को होगी। ऐसा बसंत सोरेन की ओर से अतिरिक्त समय मांगने पर किया गया है।