प्रमुख संवाददाता





रामगढ़। विधानसभा उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। आगामी 27 फरवरी को होने वाले चुनाव को लेकर एनडीए और यूपीए के नेता कार्यकर्ता जोरदार ढंग से जनसंपर्क अभियान और प्रचार का कार्य करने में जुट गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कई मंत्रियों ने रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चितरपुर और गोला प्रखंड में विशाल चुनावी सभाओं को संबोधित किया।चितरपुर के टीचर ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहली चुनावी सभा हुई। इसके बाद दूसरी चुनावी सभा गोला के रकुआ में संपन्न हुई।





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कहीं भी उपचुनाव विशेष परिस्थिति में होता है। जन प्रतिनिधियों का चुनाव अगर बीच में करना हो तो उपचुनाव करना पड़ता है। वर्ष 2019 में ममता देवी को 5 सालों के लिए एमएलए चुना गया। उन्होंने कहा कि राज्य अलग होने के 20 साल के बाद पहली बार राज्य में आदिवासियों और मूलवासी की सरकार बनी। अलग राज्य के लिए झारखंड के सैकड़ों लोग शहीद हुए। 40 साल की लंबी संघर्ष और लड़ाई के बाद वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य मिला।उन्होंने कहा कि यह राज्य का गठन सैकड़ों शहीदों के बल पर बना है।देश में अजीबोगरीब स्थिति है।अगर हम जनता की लड़ाई लड़ते हैं तो इसे असंवैधानिक कहा जाता है। झारखंड के दलित पिछड़ा आदिवासी अल्पसंख्यक का वर्षों तक शासन किया गया है।





हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ष 2014 में केला छाप वालों की सरकार बनी थी।जिसमें दलितों,गरीबों, आदिवासी, पिछड़ों और मूलवासी के लोगों को पीट-पीटकर मार डाला गया। उसी षड्यंत्र के तहत आंदोलनकारी नेत्री ममता देवी को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे को मां की छाती से चिपका होना चाहिए। उसकी मां को लोगों ने बच्चे से दूर कर दिया। ममता देवी के मामले के गवाहों को खरीद कर फंसा कर जेल भेजा गया।हेमंत सोरेन ने हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि हम आज जनता की अदालत में ममता देवी को न्याय दिलाने के लिए आए हैं। निश्चित रूप से ममता और ममता देवी को महिलाएं न्याय दिलाने में आगे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगी। उन्होंने कहा कि मां को बच्चे से अलग करने का गो-वध से भी बड़ा पाप होता है। व्यापारियों की पार्टी ने ममता देवी को पैसे के बल पर फंसा दिया।





हेमंत सोरेन ने कहा कि आज देश में पैसे वालों के यहां छापा नहीं पड़ रही है। गरीब और भीखमंगो के यहां छापामारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में वोट खरीदा जा रहा है। वोट देने के एवज में पुरुषों को 700 रुपैया और महिलाओं को ₹300 दिया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित हजारों लोगों से अपील किया कि आप पैसे लेकर भी उन्हें वोट नहीं दें। ममता देवी ने रामगढ़ को काफी कुछ दिया है। जिला में पहले 12000 राशन कार्ड था ममता देवी ने लड़ाई लड़कर 12000 से बढ़ाकर 1,28,000 लोगों को काट दिलवा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी भूखा नहीं मरेगा।कर रही है।इन सब षड्यंत्रकारियो को भगाने के लिए वोट पर चोट देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आजसू बाप-मां और बेटा और सेवक की पार्टी बनकर रह गई है।वहीं इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एक दूसरे को लड़ा कर फूट डालकर सरकार चलाने का काम कर रही है। केंद्र सरकार की एजेंसियां हमारे सरकार को अस्थिर करने में लगी है।





मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि हम लोग आज महागठबंधन और ममता देवी के मान सम्मान के लिए अपील करने आए हैं। यह चुनाव एक बहुत मायने में बड़ी चुनौती है। हमने इसे स्वीकार किया है।हेमंत सोरेन के नेतृत्व में काफी अच्छा काम चल रहा है। बादल पत्रलेख ने कहा कि रामगढ़ में 18 वर्षों तक आजसू ने शासन किया। यहां के गरीब दबे कुचले लोगों के लिए कुछ नहीं किया गया।वहीं यूपीए प्रत्याशी बजरंग महतो ने संबोधित करते हुए कहा कि ममता देवी को न्याय दिलाने के लिए 27 फरवरी को पंजा छाप पर वोट देकर चुनाव जिताएं।





चुनावी सभाओं की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विनोद किस्कू और संचालन सचिव विनोद महतो ने किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर,भून्नु महतो, चित्रगुप्त महतो,राजकुमार महतो, राजेंद्र चौधरी, विनय सिन्हा,सुधीर मंगलेश, लक्ष्मण महतो, चंद्रशेखर पटवा,गिरधारी यादव, श्रीमती रानी कुमारी, मोहम्मद गुलजार, नरेश हांसदा, सुरेश चंद्र पटेल सहित अनेक लोग मौजूद थे।