रांची।झारखंड में पैदा हुई जबरदस्त सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला।सीएम सोरेन ने लिखा कि सरकारी कुर्सी के भूखा हम लोग नहीं है।बस एक संवैधानिक व्यवस्था की वजह से आज हमें रहना पड़ता है,क्योंकि उसी के माध्यम से हम जन-कल्याण के काम करते हैं।क्या कभी किसी ने सोचा था कि हर बूढ़ा-बुजुर्ग, विधवा और एकल महिला को पेंशन मिलेगा,आपके बेटा ने आपके आशीर्वाद से वह करके दिखाया।





सीएम सोरेन ने आगे लिखा कि झारखंड के अंदर बाहरी ताकतों का गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह ने विगत 20 वर्षों से राज्य को तहस-नहस करने का संकल्प लिया था। जब उन्हें 2019 में उखाड़ कर फेंका गया तो उन षड्यंत्रकारियों को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि अगर हम यहां टिक गए तो उनका आने वाला समय मुश्किल भरा होने वाला है।





सीएम सोरेन शुक्रवार सुबह यूपीए विधायकों की बैठक में शामिल होने के बाद दोपहर को लातेहार के नेतरहाट पहुंचेऔर विभन्नि कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ईडी, सीबीआई, आईटी और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से पैरों में बेड़ियां बांधने की कोशिश हो रही है,लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि यह कुर्सी विरोधियों ने नहीं दी है।जनता ने इस कुर्सी पर बैठाया है। उन्होंने कहा कि नेतरहाट फायरिंग रेंज आने का काय्रक्रम पहले से घोषित था,लेकिन शैतानी शक्तियों ने रोड़ा अटकाने का प्रयास किया। परंतु उन्हें यह अच्छी तरह से समझना चाहिए कि वे आदिवासी का बच्चा है, किसी व्यवसायी का बच्चा नहीं है, जो डर जाएगा। आदिवासियों ने इतना आंदोलन किया है, अब उनमें डर-भय रहा ही नहीं।





सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड में अधिकांश समय तक बीजेपी ने शासन किया, जब वे सत्ता में आये, तो पिछड़ेपन के कारणों को खोजने का प्रयास शुरू किया, तो पता चला कि झारखंड का 1.36लाख करोड़ रुपये केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों पर बकाया है। उन्होंने कहा कि जब इस राशि को मांगना शुरू किया तो हजार-बारह सौ करोड़ रुपये मिले भी, लेकिन अब खनिज संपदा उत्खनन से हक मांगने की आवाज तेज की, तो केंद्र सरकार ने अपनी सरकारी एजेंसियों को दौड़ा दिया।





सीएम सोरेन ने कहा कि जब उन्होंने देखा कि साढ़ पकड़ में आ नहीं रहा है, तो गुरुजी (जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन) जो उम्र की इस पड़ाव में है, उन्हें सीढ़ी बनाकर लोकपाल में केस कर मुझ तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक खून का एक भी कतरा बचेगा, वे डरने वाले नहीं है।





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहा कि छह-सात महीने से उन्हें सत्ता से बेदखल करने की जोरदार कोशिश हो रही है, गर्दन पर आरी चलाने की कोशिश हो रही है,लेकिन जिस डोरी के माध्यम से वे आगे बढ़ते है, उनकी वह डोरी ही टूट जाती है। ऐसे में झारखंड की मट्टी के सभी नौजवानों को सावधान रहने की जरूरत है, यदि लोग सचेत नहीं रहेंगे, तो जंगल में रहने वाले लोगों को व्यवसायी बाजार में बेच देंगे। उन्होंने कहा कि देश में आज अजीबोगरीब स्थिति है। राष्ट्र की संपत्ति को व्यवसायी लगातार बेच रहे है और जब उन्हें रोकने की कोशिश की गयी, तो उनके इशारे पर ही फंसाने की कोशिश की जा रही है।