रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी चर्चित कारोबारी प्रेम प्रकाश के घर से दो एके-47 और कारतूस बरामद होने के बाद सियासत गरम हो गई है।रांची पुलिस के दो जवानों के हथियार बरामद होने के बाद अंदेशा जताया जा रहा है कि प्रेम प्रकाश को सीधे तौर पर बॉडीगार्ड तो नहीं मिले थे,लेकिन जवानों की कमान दूसरी जगह काटकर उन्हें प्रेम प्रकाश के साथ तैनात किया गया था। हालांकि रांची पुलिस इस दावे को फिलहाल खारिज कर रही है।पूरे मामले में रांची पुलिस के अफसरों की भूमिका संदेहास्पद भी लग रही है।





मिली जानकारी के अनुसार हर मंगलवार बॉडीगार्ड या किसी बाहरी जगह पर तैनात पुलिस कर्मियों की समीक्षा पुलिस लाइन में होती है।पुलिस के सार्जेंट मेजर की ये जिम्मेदारी होती है कि वह पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की पूरी जानकारी रखें।हथियार बरामद होने के बाद पूरे मामले में एनआईए जांच की मांग विपक्ष कर रहा है।गोड्डा भाजपा सांसद डाॅक्टर निशिकांत दुबे समेत भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने हथियार बरामदगी पर इसकी जांच एनआईए से कराने की मांग की है।





सीएम के खिलाफ षड्यंत्र रच रही है भाजपा झामुमो





झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच में आंच नहीं आनी चाहिए, लेकिन जिस प्रकार भाजपा जांच की आड़ में मिथ्याचार कर के सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ गलत धारणा बनाने का षड्यंत्र रच रही है।इसका झामुमो विरोध करता है।





सुप्रियो ने कहा कि हेमंत सरकार पूर्व की सरकारों के कार्यों की जांच करा रही है और इसी जांच को प्रभावित करने के लिए झारखंड में ईडी की कार्रवाई तेज कराई गई है। ऐसा सभी गैर भाजपा शासित राज्यों में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईडी जिस प्रेम प्रकाश के खिलाफ छापेमारी कर रही है। उसे लेकर एक वर्ग दुष्प्रचार कर रहा है। प्रेम प्रकाश को कौन कहां से लाया और कब इनको किसके कार्यकाल में पोषण आहार का ठेका मिला, यह बात सामने आनी चाहिए।





सुप्रियो ने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति रघुवर दास के साथ देवघर में उनके सचिव के पुत्र की शादी में शामिल होता है, जिसका संबंध सार्वजनिक तौर पर रघुवर दास और पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा से था, वो हेमंत सोरेन के साथ कैसे हो गया। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साहिबगंज के जिस डीएमओ के खिलाफ ईडी ने कार्रवाई की, उसे रघुवर के कार्यकाल में वहां का डीएमओ बनाया गया।साहिबगंज जाकर बाबूलाल जिसके स्टीमर में घूमते और खाना खाते हैं, उसको ईडी ने बुलाया तो उसे भी हेमंत सोरेन का करीबी बताया गया।





सुप्रियो ने कहा कि हेमंत सोरेन को आदिवासी होने और आदिवासी दिवस मनाने की सजा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन आदिवासी, मूलवासी छात्रों को विदेश पढ़ने के लिए भेज रहे, क्या ये गलत है। निचले तबके को दबाना और कॉरपोरेट को प्रोत्साहित करना भाजपा के शासन का तौर तरीका हो गया है।





रांची पुलिस से बाबूलाल मरांडी ने पूछे तीन सवाल





पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने रांची पुलिस के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी किए जाने के बाद पुलिस से तीन सवाल पूछे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि पुलिस यह बताए कि ये बॉडीगार्ड किसके नाम, कब और कहां के लिए निर्गत थे।जिस स्थान पर पदस्थापित थे, वहां से पैदल आ रहे थे या गाड़ी से। हथियार के साथ सिपाही मुख्य सड़क से घर जाते हैं या गली-मुहल्ले घूमते हुए।





बाबूलाल मरांडी ने मांग की है कि पुलिस इन बॉडीगार्ड/हथियार के ढाई सालों के पदस्थापन/आवंटन का पूरा विवरण बताए, सबकुछ शीशे की तरह दिख जाएगा। बाबूलाल ने सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रेम प्रकाश को बचाने के लिए पुलिस फिल्मी कहानी की पटकथा लिख रही है। बॉडीगार्ड के नाम एके-47, तैनाती किसी दूसरे के साथ, काम किसी तीसरे के साथ और मालखाना प्रेम प्रकाश का घर।





ईडी ने जब्त की एके 47, सुरक्षार्थ पुलिस को सौंपा जाएगा





प्रेम प्रकाश के आवास से मिले दो एके 47 हथियार को ईडी ने जब्त कर लिया है। ईडी सूत्रों के मुताबिक पूरे मामले में अलग से आर्म्स एक्ट के उल्लंघन का केस दर्ज कराने की मांग पुलिस से की जाएगी। वहीं ईडी के पास अपना कोई मालखाना नहीं है।ऐसे में जब्त हथियार को सुरक्षार्थ अरगोड़ा पुलिस को सौंपा जाएगा। ईडी अधिकारियों के मुताबिक रांची पुलिस ने हथियार सौंपने की मांग ईडी से की है,लेकिन हथियार पुलिस को सौंपे नहीं जाएंगे, बल्कि पुलिस को सुरक्षार्थ रखने के लिए दिए जाएंगे।





हथियार मिलने पर विपक्ष तल्ख हुए विपक्ष के तेवर





बाबूलाल मरांडी ने गृह मंत्रालय और एनआईए को टैग करते हुए लिखा है कि सरकारी हथियारों का भी अवैध इस्तेमाल करवाया जा रहा होगा,और हो न हो उग्रवादियों-आतंकवादियों की सरकारी हथियारों तक पंहुच होगी ऐसे में एनआईए इस मामले को गंभीरता से लें और गहराई से इसकी जांच करे। प्रेम के घर ईडी के छापे में एके-47 का मिलना यह दर्शाता है कि यह खेल न सिर्फ रिश्वतखोरी से जुड़ा है, बल्कि राजनीति का अपराधीकरण व आतंकवाद से भी जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।





सरयू राय ने भी लगाए गंभीर आरोप





सरयू राय ने पूरे मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ट्वीट करते हुए लिखा है कि ऐसा लगता है कि झारखंड सरकार के पुलिस महकमे में गैंग ऑफ वासेपुर कायम हो गया है। प्रेम प्रकाश के घर से मिले दो एके-47 रायफलों की जांच एनआईए को सौंपी जाए, दोषियों पर कारवाई हो, भले ही वे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हों। सरयू राय ने कहा कि प्रेम प्रकाश की आलमारी में रखे दो एके-47 राइफल बताते हैं कि राजनीतिक भ्रष्टाचार आपराधिक आयाम ले चुका है।