विशेष संवाददाता





रांची। सीएमपीडीआई के कोयल हॉल में रविवार को ‘इमोशनल इंटेलिजेंस’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यशाला के मुख्य अतिथि वाराणसी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइसेज के प्रोफेसर डॉ. संजय सक्सेना, सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार एवं निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) एसके गोमास्ता उपस्थित थे।वर्कशॉप की शुरूआत सीआईएल कॉरपोरेट गीत से हुई।इस अवसर पर प्रो. डॉ. सक्सेना ने इमोशनल इंटेलिजेंस के बारे में बताया कि किस प्रकार आत्म जारूकता, सेल्फ रेगुलेशन, सेल्फ मोटिवेशन, पास्परिक संबंधों का प्रबंधन और विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से अपने विचारों और व्यवहार के माध्यम से अपनी भावनाओं को नियंत्रित किया जाए।





इस मौके पर सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य कर्मियों को बिना भावनाओं के प्रभावी ढंग से निर्णय लेने में सक्षम बनाने की दिशा में अग्रसर करना है। उन्होंने कहा कि अपनी भावनात्मक कमियों की पहचान करें और उन्हें दूर करें जो उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करेगा।इस अवसर पर सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) एसके गोमास्ता ने कार्यशाला जैसी पहल की सराहना की और कहा कि भावनाओं को समझना और उन्हें नियंत्रित करना कर्मियों को लाभान्वित करेगा और अंततः राष्ट्र निर्माण की ओर ले जाएगा।





इसके पूर्व सीएमपीडीआई के महाप्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) चार्ल्स जस्टर ने कार्यशाला की आवश्यकता और उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और कहा कि सीएमपीडीआई निकट भविष्य में इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन करेगा। सीएमपीडीआई (मुख्यालय) और क्षेत्रीय संस्थान-3, रांची के महाप्रबंधक / विभागाध्यक्षगण एवं कार्यपालकों ने सत्र में भाग लिया। उक्त जानकारी सीएमपीडीआई के महाप्रबंधक (टीएस/पीआर) संजय कुमार दुबे ने दी।