अन्तर्राष्ट्रीय/सीरिया: सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद गठित नई संक्रमणकालीन सरकार (Transitional Government) के तहत पूर्व असद शासन के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। दमिश्क की एक विशेष अदालत ने सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड (मौत की सजा) सुनाया है।

अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला असद की गैरमौजूदगी में आया है, क्योंकि वह वर्तमान में देश से बाहर रूस में शरण लिए हुए हैं।

असद के करीबियों और परिवार पर भी गिरी गाज

अदालत ने केवल बशर अल-असद ही नहीं, बल्कि उनके शासन के प्रमुख रणनीतिकारों और परिवार के सदस्यों को भी मौत की सजा सुनाई है:

  • माहेर अल-असद (भाई व पूर्व सैन्य अधिकारी): पूर्व सरकार के खूनी सैन्य अभियानों में मुख्य भूमिका और युद्ध अपराधों का दोषी माना गया।
  • आतिफ नजीब (मामा का बेटा व पूर्व सुरक्षा अधिकारी): वर्ष 2011 में दारा (Daraa) शहर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई, 15 साल से कम उम्र के बच्चों की जानबूझकर हत्या और प्रताड़ना देने का दोषी पाया गया।

24 साल के शासन और 13 साल के गृहयुद्ध का लेखा-जोखा

बशर अल-असद लगभग 24 वर्षों तक सीरिया के राष्ट्रपति रहे, और उनके परिवार का शासन सीरिया पर 50 से अधिक वर्षों तक चला।

  • गृहयुद्ध की शुरुआत: 2011 के 'अरब स्प्रिंग' (Arab Spring) के दौरान असद सरकार के खिलाफ जनविरोध शुरू हुआ, जो बाद में भीषण गृहयुद्ध में बदल गया।
  • मानवीय क्षति: इस 13-वर्षीय संघर्ष में लगभग 5 लाख से अधिक लोगों की जान गई और लाखों नागरिकों को शरणार्थी बनकर अन्य देशों में शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा।
  • असद का पतन: दिसंबर 2024 में विद्रोही ताकतों (Rebel Forces) द्वारा दमिश्क पर नियंत्रण कर लिए जाने के बाद असद अपने परिवार के साथ सीरिया छोड़कर रूस भाग गए थे।

फैसले का महत्व और व्यावहारिक चुनौतियाँ

सीरिया की नई सरकार इस फैसले को 'ट्रांजिशनल जस्टिस' (संक्रमणकालीन न्याय) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रही है। हालाँकि, इस फैसले को धरातल पर लागू करना बेहद कठिन चुनौती है:

  1. रूस का रुख: असद वर्तमान में मॉस्को में राजनीतिक शरण में हैं। रूस द्वारा उन्हें नई सीरियाई सरकार को सौंपने (Extradition) की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
  2. अंतरराष्ट्रीय क्रियान्वयन: जब तक असद या उनके सहयोगी सीरियाई क्षेत्र में कदम नहीं रखते या किसी सहयोगी देश द्वारा गिरफ्तार नहीं किए जाते, तब तक मौत की सजा का क्रियान्वयन स्थगित ही रहेगा।

फिर भी, सीरियाई जनता के दृष्टिकोण से इस फैसले को पीड़ित परिवारों के लिए प्रतीकात्मक न्याय और देश के भावी लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।