गिरिडीह।झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिस और सीआरपीएफ को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है।दोनों ने संयुक्त सर्च आपरेशन अभियान में नक्सल प्रभावित डुमरी के फतेहपुर से पंद्रह लाख का इनामी नक्सली जोनल कमांडर कृष्णा हांसदा को गिरफ्तार किया है।पुलिस की ओर से अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस कृष्णा हांसदा को गोपनीय जगह पर रखकर पूछताछ कर रही है।पूछताछ में मिल रही जानकारी पर पुलिस लगातार आपरेशन कर रही है।
पुलिस के लिए वर्षों से बना था सिरदर्द
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को कृष्णा हांसदा अपने दो साथियों के साथ परसाबेड़ा पंचायत के फतेहपुर में था।कृष्णा हांसदा और दो नक्सली एक ही बाइक पर थे।मौके से दो नक्सली भाग गए,लेकिन कृष्णा हांसदा पकड़ लिया गया। कृष्णा हांसदा पुलिस के लिए कई वर्षों से सरदर्द बना हुआ था। कृष्णा हांसदा जनवरी 2022 में डुमरी, पीरटांड़ से सरिया तक कई विस्फोट किए थे।इसके बाद से पुलिस और कृष्णा हांसदा के पीछे पड़ गई थी।दो वर्ष से लगातार पारसनाथ जोन में पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
कई बार छापेमारी के बाद पकड़ा गया
पिछले चार महीने में एसपी अमित रेणु को कई बार नक्सली जोनल कमांडर कृष्णा हांसदा के ठिकाने की गुप्त सूचना मिली थी,लेकिन कृष्णा हांसदा हर बार बचकर निकल जाता था। इस बार मिली सूचना पर एसपी के निर्देश पर डुमरी एसडीपीओ मनोज महतो समेत जवान और सीआरपीएफ की कार्रवाई का परिणाम गिरफ्तारी के रूप में सामने आया। डुमरी और निमियाघाट थाना में ही कृष्णा हांसदा खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। कृष्णा हांसदा खिलाफ लगभग तीस केस हैं।
कृष्णा हांसदा के खिलाफ थाने में दर्ज हैं दर्जनों मामले
निमियाघाट थाने में नक्सली जोनल कमांडर कृष्णा हांसदा के खिलाफ 10 जून 2015 को अग्र परियोजना केंद्र के दो भवनों को लेवी नहीं देने के कारण आइईडी धमाका कर क्षतिग्रस्त करना, पारगो तिलैया पथ पर पुलिस बल को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से आइईडी लगाना, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव को बाधित करना और पुलिस बल को क्षति पहुंचाना, सितंबर 2019 में चेचरिया जंगल में सरकारी नीतियों का विरोध कर क्षेत्र में पोस्टरबाजी कर दहशत फैलाना और ग्रामीणों को संगठन से जोड़ने का प्रयास करने का मामला दर्ज है।





