प्रतिनिधि,जमशेदपुर।जिला सैनिक कल्याण केंद्र चाईबासा के पदाधिकारी कर्नल किशोर और सोनारी आर्मी कैंप के 100 फील्ड रेजीमेंट द्वारा संयुक्त रूप से शनिवार वेटरन्स डे का आयोजन किया गया। जिसमें करीब 100 से अधिक पूर्व सैनिक समेत सेना के अधिकारी उपस्थित रहे।





कार्यक्रम में वेटरन्स डे कि इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के मंच संचालक सरदिंदु शेखर ने कहा कि 1953 में इसी दिन भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा जिन्होंने 1947 के युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया था, औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं पहला वेटरन डे 14 जनवरी 2016 को मनाया गया था। साथ ही रक्षा मंत्रालय के अनुसार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान में इंटरैक्टिव कार्यक्रमों की मेजबानी कर हर साल इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया था। जिसको आगे बढ़ाते हुए जिला सैनिक कल्याण केंद्र एवं सोनारी आर्मी कैंप द्वारा इस वर्ष भी वेडनेस डे का आयोजन किया गया।इस दौरान वीर नारियों का सम्मान भी किया गया।





कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन कर एवं जनरल करियप्पा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। मौके पर उपस्थित सभी वेटरेनस ने अपनी सेना से जुड़ी यादों को सभी के समक्ष साझा किया। जिसमें ईसीएचएस के पदाधिकारी ब्रिगेडियर पीके झा ने पूर्व सैनिकों के मेडिकल समस्याएं एवं ईसीएचएस के मुद्दों पर सभी के समक्ष जानकारी साझा किया। सैनिकों के कल्याण के लिए ईसीएचएस को हमेशा खड़ा बताया।





कर्नल किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र की सेवा कर आए गौरव सेनानियों की सेवा करने का शुभ अवसर पाने अपनी बधाईयां भी दी।किशोर सिंह ने कहा कि सैनिकों के सम्मान के साथ-साथ उनके परिवारों और आश्रितों के लिए सेवानिवृत्त जीवन में उनकी समस्याओं को हल करने के लिए अत्यधिक प्रयासों के साथ पुनर्वास की देखभाल करना हमारी अहम जिम्मेदारी है। 100 फील्ड रेजीमेंट के कर्नल अमित भारद्वाज द्वारा सभी को वेटरन्स डे की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए देश में सेना के महत्व को बताया गया। आयोजित कार्यक्रम में एयर कॉमेडर मारवा, संजीव रमन और एडीएम कमांडर स्टेशन हेड क्वार्टर के साथ-साथ शहर के सभी पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। मौके पर पूर्व सैनिकों को सम्मानित भी किया गया।