प्रतिनिधि,जमशेदपुर। सोनारी थाना अंतर्गत दोमुहानी निवासी शशि पासवान हत्याकांड में एडीजे 4 राजेंद्र कुमार की अदालत ने शनिवार सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए सोनारी दोमुहानी निर्मल नगर दास बस्ती निवासी रविदास समेत छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी आरोपियों पर अदालत ने 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। उम्र कैद की सजा पाने वाले आरोपियों में रविदास समेत सोनारी निर्मल नगर दोमुहानी निवासी वाशु बागती, बाबू सरदार उर्फ विजय सिंह, मानगो डिमना रोड विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी विवेक शर्मा, निर्मल नगर दोमुहानी निवासी निरंजन महतो और दोमुहानी का बबलु महतो उर्फ भकलु महतो शामिल है।
इस मामले में कुल 11 लोगों की गवाही हुई थी। आरोपियों को भादवि कि धारा 147 के तहत एक साल की सजा, धारा 148 के तहत दो साल की सजा, धारा 323/149 के तहत एक साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही धारा 302/149 में उम्रकैद और अतिरिक्त तीन साल की सजा, धारा 201/149 के तहत पांच साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सभी सजाओं के साथ-साथ चलने की बात भी कही।
बताते चलें कि घटना 5 सितंबर 2011 को घटी थी। जिसमें मृतक शशि पासवान के पिता रामबिलास पासवान के बयान पर थाने में मामला दर्ज किया गया था। घटना के दिन शशि अपने साथी विजय पासवान, रवि पासवान, पंचू गोराई, छोटू कर्मकार, सोनू निषाद, रंजन कर्मकार समेत अन्य के साथ दोमुहानी बजरंगबली मंदिर के पास गणेश पूजा में आयोजित डांस का कार्यक्रम देखने के लिए गया था। इस बीच डांस कर रहे बच्चों को पुरस्कार देने के लिए वह रात्रि के 8.30 बजे स्टेज पर गया और पुरस्कार देने के बाद नीचे उतरने के समय उसपर ईंट और पत्थर से हमला कर दिया गया।
इस दौरान सबसे पहले चुनू सिंह सरदार द्वारा शशि पर पीछे से सर पर ईंट से हमला किया गया था। जिसके बाद शशि वहां से भागा और कुछ दूर जाने के बाद जमीन पर गिर गया। इसी बीच वहां रविदास, संजय बनिया, लखिंद्र महतो, वासु बागती, सोनू निषाद, विवेक लोहार, पुटू कालिंदी, निरंजन और भोकलु महतो पहुंचा। सभी आरोपी लोग हाथ में तलवार, भुजाली और पत्थर लिए हुए थे। इस दौरान मृतक के रामबिलास पासवान, विजय पासवान, पंचू गोराई, छोटू लोहार आदि ने घटना का विरोध भी किया तो चुनू सिंह सरदार, रवि दास और बाबु सरदार ने पिस्तौल और भुजाली का भय दिखाते हुए फायरिंग कर दी। जिसके बाद सभी वहां से भाग गए। जबकि घटना के बाद मृतक शशि पासवान के शव को पुलिस ने दोमुहानी नदी से बरामद किया था। उसका सर पूरी तरह से कुचला हुआ था। शशि की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को नदी में फेंक दिया गया था। फिलहाल मामले में अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।





