धनबाद।नए उत्पाद नीति के जरिए जिले में संचालित सभी बीयर बार और क्लब में कोटा सिस्टम लागू हुआ है।पहले ये व्यवस्था शराब की दुकानों में ही थी।वैश्विक महामारी कोरोना काल के बाद दुकानों को राहत देने के लिए कोटा सिस्टम में पहले रियायत दी गई और बाद में उसे हटा लिया गया।अब नई नीति के जरिए शराब दुकानों में तो नहीं,लेकिन बार और क्लब में ये व्यवस्था लागू की गई है।
कोटा सिस्टम के जरिए उत्पाद विभाग द्वारा लक्ष्य निर्धारित कर बार और क्लब को दिया जाता है और उसी लक्ष्य के आधार पर गोदाम से शराब उठाई जाती है।ये निर्धारित लक्ष्य बार और क्लब की रोजाना बिक्री का औसत निकाल कर निर्धारित किया जाता है।
उत्पाद विभाग के आकंड़ो के मुताबिक जैसे ही कोटा सिस्टम लागू हुआ अचानक बिक्री की दर बढ़ गई।पहले ही महीने में 60 लाख रुपए की शराब उठाई गई। इससे पहले एक महीने में छह लाख की जिलेभर के बार से हो रहा था। कोटा सिस्टम लगते ही बिक्री में दस गुना की बढ़ोतरी हुई। जून में ये बढ़कर 77 लाख तक पहुंच गई।
बार और क्लब को भी एमआरपी पर मिल रही शराब
दुकानों से अलग अब बार और क्लब को भी एमआरपी पर ही शराब मिल रही है। उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि बार में भी लोगों को गुणतापूर्ण शराब मिले और विभाग को राजस्व भी मिले।इसके लिए यह नीति लागू की गई है। कोटा सिस्टम में अगर शराब बार में डंप होती है तो अगले वित्तीय वर्ष में लाइसेंस रिन्युअल के समय पेनाल्टी के साथ एडजस्ट करने का प्रावधान है।
सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह ने कहा कि जब से कोटा सिस्टम लागू हुआ है तब से राजस्व में दस गुना बढ़ोतरी हुई है। इस व्यवस्था से बार में भी पारदर्शिता और सौ प्रतिशत क्वालिटी मेंटेन हो रही है। अभी तक बार और क्लब में शराब डंप होने की सूचना नहीं मिली है।जितनी उठाई जा रही है, उतनी शराब की बिक्री हो रही है। वास्तविकता तो ये है कि आपूर्ति और बढ़ाने की जरूरत है।
फैक्ट फाइल
धनबाद जिले 32 बार संचालित है।
उत्पाद विभाग से तीन क्लब रजिस्टर्ड हैं।
साल भर में 271 करोड़ राजस्व का लक्ष्य है।





