वॉशिंगटन / तेहरान: विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और रणनीतिक तनातनी चरम पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलमार्ग पर संप्रभुता का दावा करने और ईरान द्वारा इसे पूरी तरह बंद रखने की चेतावनी से पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है।
ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट और नया क्षेत्रीय दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक नक्शा शेयर किया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को "New U.S. Territory" (नया अमेरिकी क्षेत्र) के रूप में दर्शाया गया है।
| घटना/बयान | विवरण |
| ट्रंप का दावा | होर्मुज जलमार्ग पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) के जरिए पूर्ण नियंत्रण का दावा। |
| 14 अगस्त की टिप्पणी | लॉन्ग आइलैंड में पुलिस अकादमी के संबोधन में ट्रंप ने जलमार्ग को जल्द अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने का संकेत दिया था। |
| ईरान का रुख | जलमार्ग पूरी तरह बंद; अमेरिका के अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने तक नहीं खुलेगा मार्ग। |
| ओमान का मध्य मार्ग | ईरान और ओमान के बीच वैकल्पिक ओमान-रूट के जरिए जहाजों की सीमित आवाजाही पर सहमति। |
ईरान का दोटूक जवाब: 'बातों से नहीं, अमेरिका के एक्शन से बनेगी बात'
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा जब तक कि वॉशिंगटन अपनी नीतियों और रवैये में सकारात्मक बदलाव नहीं लाता।
मोहसेन रेजाई का बयान: "होर्मुज स्ट्रेट बंद है और फिलहाल इसे नहीं खोला जाएगा। अगर अमेरिका अपना रवैया बदलता है और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है, तभी समीकरण बदलेंगे। इस बार अमेरिका को ठोस कार्रवाई करनी होगी, यह मसला सिर्फ खोखली बातों से हल नहीं होने वाला।"
तनाव के बीच जहाजों की बढ़ी आवाजाही
ईरान की सख्त चेतावनियों के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय समुद्री निगरानी आंकड़ों के अनुसार बीते सप्ताह करीब 200 वाणिज्यिक जहाजों ने इस जलमार्ग से गुजरने की कोशिश की, जो उससे पिछले हफ्ते के 150 जहाजों के मुकाबले अधिक है।
मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म 'केप्लर' के अनुसार, गुजरने वाले 80% से अधिक टैंकर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) द्वारा स्वीकृत और अमेरिका समर्थित 'ओमान मार्ग' का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर दोनों पक्षों के बीच किसी स्थायी समझौते की मोहर लगना बाकी है।





