अमेरिकी सरकार (US Mint) द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चित्र वाला $1 का नया सिक्का (Golden Dollar) बिक्री के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही अमेरिका में एक नई बहस छिड़ गई है। अमेरिका में करीब 100 साल (1926 के बाद) में यह पहली बार हुआ है जब किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर देश की आधिकारिक मुद्रा पर दिखाई दी है।
यह सिक्का अमेरिका की स्थापना के 250 वर्ष (Semiquincentennial - 1776~2026) पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष स्मारक मुद्रा (Commemorative Coin) के रूप में जारी किया गया है।
सिक्के का डिजाइन और संरचना
- सामने का हिस्सा (Obverse): राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक चित्र। साथ में 'LIBERTY', 'IN GOD WE TRUST' और '1776 ~ 2026' अंकित है।
- पीछे का हिस्सा (Reverse): अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर (Presidential Seal) का चित्रण, जिसमें बाज के ढाल पर '250' उकेरा गया है।
- धातु की बनावट: इसे 'गोल्डन डॉलर' कहा जा रहा है, लेकिन इसमें असली सोना नहीं है। यह तांबा, जस्ता (6%), मैंगनीज (3.5%) और निकल (2%) का मिश्रण है।
कानूनी विवाद और 1866 का नियम
अमेरिकी कानून में जीवित व्यक्तियों का चित्र करेंसी पर लगाने को लेकर कड़े नियम रहे हैं:
- थायर संशोधन (Thayer Amendment, 1866): 1866 में अमेरिकी कांग्रेस ने नियम बनाया था कि कागजी नोटों पर किसी जीवित व्यक्ति का चित्र नहीं लगाया जा सकता।
- संघीय कानून (Federal Law): सामान्य नियम के तहत अमेरिकी मुद्रा और बॉन्ड्स पर केवल मृत व्यक्तियों के चित्र ही हो सकते हैं।
- ऐतिहासिक अपवाद: इससे पहले केवल 1926 में अमेरिका की 150वीं वर्षगांठ पर तत्कालीन राष्ट्रपति केल्विन कूलिज का चित्र सिक्के (हाफ-डॉलर) पर लगाया गया था।
आखिर यह सिक्का कानूनी कैसे ठहराया गया?
कानूनी विवादों के बीच अमेरिका के खजाना विभाग (Treasury Department) ने इसे पूरी तरह वैध बताया है। इसके पीछे मुख्य कारण:
- CCRA-2020 कानून: वर्ष 2020 में पारित Circulating Collectible Coin Redesign Act (CCRA) के तहत ट्रेजरी को 2026 में 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष $1 का सिक्का डिजाइन करने का अधिकार दिया गया था।
- सिक्के की दिशा का नियम (Technicality): कानून के मुताबिक सिक्के के पीछे वाले हिस्से (Reverse/Tails) पर किसी व्यक्ति (जीवित या मृत) का चित्र नहीं होना चाहिए। चूंकि ट्रंप की तस्वीर सिक्के के सामने वाले हिस्से (Obverse/Heads) पर है, इसलिए यह तकनीकी रूप से कानून के दायरे में आता है।
यद्यपि विपक्षी नेताओं और सलाहकार समितियों (जैसे CCAC) ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताकर इसका विरोध किया था, फिर भी US Mint ने विधिक प्रावधानों के तहत इसे जारी कर दिया है।





