उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राप्ती का पानी 1.36 मीटर ऊपर पहुंच गया है और बंधों पर भारी दबाव है।ग्रीन सिटी फेज टू के पास माधवपुर बंधे से बाढ़ का पानी का रिस रहा है।बंधे से हो रहे रिसाव से स्थानीय लोग डरे सहमे हुए हैं।बड़गो बंधे पर भी भारी दबाव बना हुआ है।राप्ती के किनारे मिट्टी तेजी से कटकर पानी में समा रही है।राप्ती का जलस्तर बढ़ने से राजघाट पर दोनों तरफ के रामघाट व गुरु गोरखनाथ घाट डूब चुके हैं और अंत्येष्टि स्थल भी अब डूबने के कगार पर पहुंच गये है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राप्ती का जलस्तर खतरनाक हालत में पहुंच गया है।केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 1998 में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2.56 मीटर ऊपर पहुंच गया था और राप्ती ने तबाही मचाई थी।शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी घुस गया था।इस बार भी राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.36 मीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है।अगर जलस्तर में ठहराव नहीं आया तो राप्ती जल्द ही खतरे के निशान से दो मीटर तक ऊपर पहुंच जाएगी। इससे बंधों के कटान का खतरा रहेगा। सहजनवां क्षेत्र के डुमरिया बाबू बंधे पर भक्सा के पास कटान का खतरा बना हुआ है। इससे आसपास के ग्रामीण डरे हुए हैं।





