चेन्नई / तिरुचिरापल्ली तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री और 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी पहली विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की सियासत की नई दिशा तय कर दी। विजय ने साफ शब्दों में कहा कि तमिलनाडु की राजनीति से अब पारंपरिक बारी-बारी का खेल खत्म हो चुका है और मुकाबला सिर्फ TVK और DMK के बीच सिमट गया है।

"जनता ने मुझे शासक नहीं, सेवक चुना है"

DMK और AIADMK पर सरकार गिराने की साजिश और 'हॉर्स ट्रेडिंग' (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री विजय ने विरोधियों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा:

"मेरी सरकार किसी जोड़-तोड़ से नहीं, बल्कि जनता के पवित्र जनादेश के बल पर बनी है। बरसों तक बारी-बारी से राज्य को ठगने वालों को जनता ने नकार दिया है। लोगों ने मुझे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बल्कि तमिलनाडु के 'पहले सेवक' के रूप में काम करने का मौका दिया है।"

विजय ने DMK पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनकी 'परिवारवादी राजनीति' ही चुनाव में उनकी करारी हार की सबसे बड़ी वजह बनी है। तमिलनाडु की जनता बदलाव चाहती थी और उन्होंने उसी के पक्ष में मतदान किया है।

विपक्ष पर तंज: "6 महीने की बात करने वाले 6 दिन भी शांत नहीं रहे"

सरकार गठन के तुरंत बाद से ही विपक्ष द्वारा की जा रही घेराबंदी पर मुख्यमंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा, "जो विपक्षी नेता चुनाव के बाद यह कह रहे थे कि वे नई सरकार को समझने के लिए छह महीने तक शांत रहेंगे, वे छह दिन भी सब्र नहीं कर पाए और सरकार पर हमले करने लगे।"

विजय ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की घबराहट साफ दिखाती है कि वे जमीन खो चुके हैं।

सरकार की प्राथमिकताएँ: धर्मनिरपेक्षता और राज्य के अधिकार

अपनी सरकार का विजन जनता के सामने रखते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भरोसा दिलाया कि TVK सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दो टूक कहा:

अधिकारों की रक्षा: तमिलनाडु के अधिकारों और स्वायत्तता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

धर्मनिरपेक्षता: सरकार पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर चलेगी और सभी वर्गों को समान न्याय मिलेगा।

पहनावे पर मिला करारा जवाब: "मैं सूट क्यों नहीं पहन सकता?"

राजनीति में आने के बाद उनके पहनावे और स्टाइल को लेकर विपक्ष द्वारा की जा रही टिप्पणियों पर विजय ने बेहद आक्रामक और अनूठे अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए जनता से पूछा, "मैं सूट क्यों नहीं पहन सकता?" मुख्यमंत्री के इस संवाद पर रैली में मौजूद हजारों समर्थकों ने तालियों और गगनभेदी नारों के साथ उनका समर्थन किया।

चुनावी समीकरण और भविष्य की राह

मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की यह पहली बड़ी सार्वजनिक रैली थी, जिसने राज्य की राजनीति में उनके बढ़ते कद को साबित कर दिया है। गौरतलब है कि विजय ने हाल ही में तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से शानदार जीत दर्ज की थी, और बाद में उन्होंने पेरंबूर सीट को बरकरार रखने के लिए विधानसभा की एक सीट से इस्तीफा दे दिया है।

इस रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि तमिलनाडु की राजनीति में अब 'थर्ड फ्रंट' या किसी तीसरी शक्ति की गुंजाइश खत्म हो चुकी है और आने वाले दिनों में TVK और DMK के बीच सियासी जंग और तेज होने वाली है।